ईरान की नई चेतावनी: US ने गलती की तो बाब अल-मंदेब बंद कर देंगे

एनर्जी आपूर्ति पर असर, भारत समेत दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ी; बाब अल-मंदेब को ईरान का दूसरा होर्मुज कहा जा रहा है
ईरान की नई चेतावनी: US ने गलती की तो बाब अल-मंदेब बंद कर देंगे
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ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर कोई रणनीतिक गलती हुई तो वह होर्मुज के बाद Bab-el-Mandeb को बंद कर देगा। होर्मुज स्ट्रेट पहले ही दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर चुका है। अगर बाब अल-मंदेब भी बंद हो गया, तो यह दुनिया की तेल और गैस सप्लाई को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है। भारत सहित कई देश, जो अपने तेल और गैस के 80-90 प्रतिशत आयात खाड़ी देशों पर निर्भर करते हैं, इस स्थिति से सीधे प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाब अल-मंदेब ईरान का “दूसरा होर्मुज” है। यह स्थान ईरान को यमन में अपने सहयोगी Houthi rebels के जरिए प्रभाव दिखाने का एक महत्वपूर्ण पॉइंट देता है। हूथियों ने पहले लाल सागर में इजरायल के गाजा पर हमलों के दौरान तेल और व्यापारिक जहाजों पर हमले किए थे, जिससे अमेरिका को नौसेना तैनात करनी पड़ी थी।

हालांकि बाब अल-मंदेब ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है और सीधे ईरान के अधिकार में नहीं आता, लेकिन ईरान ने हूथियों का समर्थन किया है। नवंबर 2023 के बाद से हूथियों ने लाल सागर के गलियारे से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों पर 100 से ज्यादा हमले किए, जिससे 60 से ज्यादा देशों को नुकसान हुआ। इसके चलते 2024 के अंत तक बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले तेल का प्रवाह 50 प्रतिशत से अधिक घट गया। इसमें LNG टैंकर भी शामिल हैं। हूथियों ने चेतावनी दी है कि उनकी “अंगुलियां ट्रिगर पर” हैं।

बाब अल-मंदेब को अरबी में 'दुख का द्वार (Gate of Tears)' कहा जाता है। यह 26 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग यमन और Djibouti के बीच स्थित है और लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। यह गलियारा विश्व ऊर्जा आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और भारत समेत कई देशों के लिए इसकी सुरक्षा बेहद अहम है।

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