

होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में ईरान को समुद्री सुरंगों (सी माइंस) की पहचान और उन्हें हटाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमित तकनीकी क्षमता के कारण ईरान अब तक जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से नहीं खोल पाया है।
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचे हैं, जहां सप्ताहांत में ईरान के साथ बातचीत होनी है। इन वार्ताओं में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा प्रमुख रहने की संभावना है और अमेरिका ने इसे तुरंत खोलने की मांग दोहराई है।
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जलडमरूमध्य खोलने को युद्ध समाप्त करने की प्रमुख शर्त बताया है। वहीं ईरान ने अपने दस सूत्री प्रस्ताव में होर्मुज पर नियंत्रण की मांग रखी है।
ईरान ने खाड़ी देशों और अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग में समुद्री और जमीनी सुरंगें बिछाई थीं। एक महीने से अधिक समय से जलडमरूमध्य बंद होने के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे भारत सहित कई देशों में ऊर्जा संकट की स्थिति बन गई है।
मार्च के अंत में ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोककर शांति प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए समयसीमा तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू हुआ है।