ईरानी सेना ने ट्रंप का उड़ाया मजाकः अपनी हार को समझौते का नाम मत दीजिए

ईरान की सेना के एक प्रवक्ता ने युद्धविराम समझौते से जुड़े अमेरिकी प्रयासों का बुधवार को मजाक उड़ाया जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15 सूत्रीय योजना के सफल होने की कोई संभावना है।
लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ( फाइल फोटो )
लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ( फाइल फोटो )
Published on

दुबईः ईरान की सेना के एक प्रवक्ता ने युद्धविराम समझौते से जुड़े अमेरिकी प्रयासों का बुधवार को मजाक उड़ाया जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15 सूत्रीय योजना के सफल होने की कोई संभावना है।

ईरान की नियमित सेना और अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड की संयुक्त रूप से कमान संभालने वाले ‘खातम अल-अन्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ने 15-सूत्रीय योजना को मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपे जाने के बाद यह टिप्पणी की।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी अधिकारी इस योजना पर ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं लेकिन सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में जुल्फाघारी ने इस बात का संकेत दिया कि कोई बातचीत नहीं हो रही। जुल्फाघारी के पहले से रिकॉर्ड वीडियो के जरिए यह बयान जारी किया। उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपके आंतरिक मतभेद इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?’’

‘जिस रणनीतिक ताकत की बात आप किया करते थे, वह अब रणनीतिक विफलता में बदल गई है।-जुल्फाघारी

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बाधित कर दिया है जिसके कारण ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो गया है।ईरानी सैन्य प्रवक्ता जुल्फाघारी ने कहा, ‘‘जिस रणनीतिक ताकत की बात आप किया करते थे, वह अब रणनीतिक विफलता में बदल गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जो देश खुद को वैश्विक महाशक्ति कहता है, अगर संभव होता तो वह इस संकट से अब तक निकल चुका होता। अपनी हार को समझौते का नाम मत दीजिए। खोखले वादों का आपका दौर अब समाप्त हो चुका है।’’

हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। न अभी, न कभी।-जुल्फाघारी

कभी समझौता नहीं करेंगे

जुल्फाघारी ने कहा, ‘‘पहले दिन से ही हमारी पहली और आखिरी बात यही रही है और यही रहेगी : हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। न अभी, न कभी।’’ एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया जब अमेरिका की सेना 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके। सबसे पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने यह खबर दी थी कि योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है।

अमेरिका भेज रहा और सैनिक

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय ‘पेंटागन’ दो ‘मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट’ की भी तैनाती की प्रक्रिया में है जिसके तहत क्षेत्र में करीब 5,000 मरीन एवं नौसेना के हजारों अन्य कर्मी और तैनात किए जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की वकालत कर रहे इजराइली अधिकारी अमेरिकी प्रशासन द्वारा युद्धविराम योजना सौंपे जाने से हैरान हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अतिरिक्त सैनिक एवं मरीन भेज रहा है, ऐसे में युद्धविराम योजना के प्रस्ताव को ट्रंप की ऐसी रणनीति के तौर पर पेश किया जा रहा है कि भविष्य में क्या कदम उठाना है, इसे लेकर वह अपने विकल्प खुले रखना चाहते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने इस संबंध में टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया है। इस बीच, जहां एक ओर ईरान पर हवाई हमले जारी हैं, वहीं दूसरी ओर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इजराइल एवं पूरे क्षेत्र में विभिन्न स्थानों को निशाना बनाया। तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं पर पड़ रहे बोझ के बीच ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का दबाव अमेरिका में बढ़ता जा रहा है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in