

दुबईः ईरान की संसद के अध्यक्ष ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामिक गणराज्य पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजराइल उसका ‘वैध निशाना’ बनेंगे।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी प्रदर्शनों को लेकर हमले की धमकी दी है।
मोहम्मद बाकिर कालिबाफ की टिप्पणियों से पहली बार यह संकेत मिलता है कि उन्होंने ईरानी हमले के संभावित लक्ष्यों की सूची में इजराइल को भी शामिल किया है। कट्टरपंथी कालिबाफ ने यह धमकी तब दी जब ईरान की संसद में सांसद ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए आसन के समीप पहुंच गए।
दरअसल ईरान को झकझोरने वाले मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को लेकर रविवार को संसद में चर्चा हुई और इस दौरान सांसदों ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। संसद में यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब ईरान की सरकार दो सप्ताह से जारी प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रही है। बाद में, सांसदों ने ईरान सरकार के समर्थन में भी नारे लगाए।
प्रदर्शनों में 116 मौतें
इधर ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहे। दो सप्ताह से जारी इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 116 हो गई है। अमेरिका की एक मानवाधिकार संस्था ने यह जानकारी दी।
प्रदर्शन के मद्देनजर ईरान में इंटरनेट और फोन लाइन काट दी गई है, जिससे प्रदर्शन का वास्तविक अनुमान लगाने में मुश्किल आ रही है। हालांकि, अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’के अनुसार, प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 116 हो गई है और 2,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
ईरान का सरकारी टीवी प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादी’ के रूप में चित्रित कर रहा है और सुरक्षा बलों के कर्मियों के हताहत होने की जानकारी दे कर रहा है। हालांकि, इसने यह भी स्वीकार किया कि विरोध प्रदर्शन रविवार सुबह तक जारी रहे। इसने तेहरान और उत्तर-पूर्व में स्थित शहर मशहद में प्रदर्शन होने की जानकारी दी। अमेरिका की चेतावनियों के बावजूद, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।