

वॉशिंगटनः ईरान ने शुक्रवार को अलग-अलग हमलों में दो अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराया, जिसमें एक सैन्यकर्मी को बचा लिया गया और कम से कम एक अब भी लापता है। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा पांच सप्ताह पहले शुरू किए गए युद्ध के दौरान यह पहली बार है जब संघर्ष में अमेरिकी विमानों को गिराया गया।
वहीं इधर बचाव कार्यों पर भी हमले हुए; दो HH-60W Jolly Green II हेलीकॉप्टरों को मिशन के बीच में ही निशाना बनाया गया। घायल होने की खबरों के बावजूद, उनके क्रू सदस्य किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे। दो A-10 Warthog विमानों पर भी हमला हुआ—इनमें से एक, जिसके पायलट ने विमान से छलांग लगा दी थी, खाड़ी में जा गिरा; जबकि दूसरा विमान केवल एक इंजन के सहारे किसी तरह बेस तक वापस पहुंच पाया।
इससे दो दिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ‘‘ईरान को हरा दिया है और उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया है और हम अपने काम को बहुत तेजी से पूरा करने जा रहे हैं।’’
अधिकारियों ने बताया कि ईरान में एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। उस विमान के अमेरिकी चालक दल के एक सदस्य को बचा लिया गया लेकिन एक अन्य सदस्य लापता है। अमेरिकी सेना खोज और बचाव अभियान में जुटी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ और अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन दोनों ने ही दुर्घटनाग्रस्त विमानों के बारे में कोई सार्वजनिक जानकारी जारी नहीं की।
‘एनबीसी न्यूज’ के साथ टेलीफोन पर कुछ देर के साक्षात्कार में ट्रंप ने खोज और बचाव प्रयासों पर चर्चा करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि इस घटना का ईरान के साथ वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, बिल्कुल नहीं। इसका बातचीत पर असर नहीं पड़ेगा। नहीं, यह युद्ध है।’’
इसके अलावा, ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि ईरानी रक्षा बलों द्वारा हमला किए जाने के बाद फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ए-10 हमलावर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने संवेदनशील सैन्य स्थिति पर चर्चा करते हुए पहले कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे मार गिराया गया या इसमें ईरान की कोई भूमिका थी। चालक दल की स्थिति और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का सटीक स्थान भी तुरंत ज्ञात नहीं हो सका।