युद्धपोत को डुबोने से नाराज ईरान का हमला तेज

अमेरिकी पनडुब्बी के एक ईरानी युद्धपोत को डुबोने की घटना के बाद ईरान ने बृहस्पतिवार तड़के युद्ध के छठे दिन इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइल दागीं।
अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी फोटो जिसमें ईरानी जहाज को पनडुब्बी से डुबोया गया।
अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी फोटो जिसमें ईरानी जहाज को पनडुब्बी से डुबोया गया।
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दुबईः अमेरिकी पनडुब्बी के एक ईरानी युद्धपोत आइरिश डेना को डुबोने की घटना के बाद ईरान ने बृहस्पतिवार तड़के युद्ध के छठे दिन इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइल दागीं। ईरान ने पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी भी दी है। वहीं ईरान ने उसके जहाज को अमेरिका द्वारा डुबोये जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि बिना चेतावनी का हमला किया गया।

ईरान के विदेश मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि श्रीलंका के तट पर एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी नौसैनिक पोत को डुबोकर अमेरिका ने जो ‘‘उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।’’ अब्बास अराघची की यह टिप्पणी हिंद महासागर में ‘आईरिस देना’ के डूबने की घटना को लेकर ईरान सरकार की ओर से पहली स्वीकारयोक्ति है। ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे समुद्र में की गई “ज्यादती” बताया और कहा कि यह घटना ईरान के तट से लगभग 2,000 मील दूर हुई।

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे एवं भारत की नौसेना के अतिथि पोत ‘फ्रिगेट देना’ पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। मेरी बात याद रखना- अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।’’ ईरानी पोत हाल में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास में शामिल हुआ था।

अमेरिका और इजराइल ने बुधवार को ईरान के सुरक्षा बलों और प्रशासनिक संस्थानों को निशाना बनाते हुए बमबारी तेज कर दी थी। ईरान पर हमलों की तीव्रता इतनी भीषण थी कि सरकारी टेलीविजन ने घोषणा की कि संघर्ष की शुरुआत में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह को स्थगित करना होगा। अयातुल्ला अली खामेनेई के पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में 1989 में लाखों लोग शामिल हुए थे।

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के प्रमुख नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए युद्ध की शुरुआत की और यह संकेत दिया कि उनका लक्ष्य ईरान में सरकार को गिराना है। सटीक लक्ष्य और समयसीमा में बार-बार बदलाव के कारण इस युद्ध के अनिश्चित काल तक जारी रहने की आशंका है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के मोर्चे पर ‘‘शानदार प्रदर्शन’’ के लिए बुधवार को अमेरिकी सेना की प्रशंसा की। वहीं, अमेरिकी सीनेट में उनके सहयोगी रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के मुद्दे पर ट्रंप का साथ दिया और युद्ध रोकने की मांग वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

ईरान की सबकुछ तबाह करने की धमकी

संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर हमले किए। तुर्किये ने कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, अंतरराष्ट्रीय नौवहन बाधित हुआ है जबकि पश्चिम एशिया में लाखों यात्री फंसे हुए हैं।

ईरान के अर्द्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ द्वारा ‘‘क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने’’ की धमकी के बाद पड़ोसी देश बृहस्पतिवार को संभावित खतरों को लेकर सतर्क हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी दोहा में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले निवासियों को एहतियात के तौर पर निकाल रहे हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी।

ईरान युद्ध से तेल कीमतों में भारी उछाल

संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में बृहस्पतिवार सुबह लड़ाकू विमानों की आवाज सुनी गई जबकि कुवैत के तट पर हुए एक नए हमले से वाणिज्यिक जहाजों को खतरे की आशंका बढ़ गई है। ब्रिटेन की सेना द्वारा संचालित ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के इलाके में एक धमाका हुआ। केंद्र ने बताया कि एक टैंकर पर हमला हुआ था लेकिन उन्होंने हमले का कारण नहीं बताया। ईरान पूर्व में जहाजों पर लिम्पेट माइंस लगाकर हमला कर चुका है।

ईरान के हमलों के कारण ओमान और होर्मूज जलडमरूमध्य से यातायात बाधित होने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और इसके कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है।

अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी फोटो जिसमें ईरानी जहाज को पनडुब्बी से डुबोया गया।
ईरान युद्ध में हमारा पड़ोसी देश भी कूदने को तैयार

अमेरिक ने माना कि उसकी पनडुब्बी ने ईरान का जहाज डुबोया

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार रात हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि जहाज से 32 लोगों को बचाया गया, जबकि देश की नौसेना ने कहा कि उसने 87 शव बरामद किए हैं। इजराइल ने कहा कि इजराइली सेना ने ईरान के आंतरिक सुरक्षा कमान से जुड़े भवनों पर भी हमला किया। इजराइल और अमेरिका का कहना है कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनके देश की सेनाओं में नेतृत्व विकेंद्रीकृत है और इकाइयां काफी हद तक अपने दम पर काम करती हैं, जिससे शीर्ष कमान और नियंत्रण केंद्रों पर हमलों का प्रभाव कम हो सकता है। हेगसेथ ने अमेरिकी अभियानों के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा, ‘‘आप कह सकते हैं कि यह चार हफ्ते भी रह सकता है और छह हफ्ते तक भी जारी रह सकता है। या फिर इसमें आठ हफ्ते भी लग सकते हैं या फिर तीन हफ्ते लग सकते हैं।’’

ईरान में 1045 और इजराइल में 11 लोगों की मौत

पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना के शीर्ष कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की हवाई सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया है और बैलिस्टिक मिसाइल, लॉन्चर और ड्रोन को नष्ट कर दिया है। हालांकि, बृहस्पतिवार तड़के इजराइल में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजराइल ने कहा कि उसकी रक्षा प्रणालियां ईरानी मिसाइलों को सक्रियता से रोक रही हैं।

ईरान के फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरंस अफेयस ने बुधवार को बताया कि ईरान में कम से कम 1,045 लोग मारे गए हैं। इजराइल में 11 लोगों की मौत हुई है जबकि छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। लेबनान में मरने वालों की संख्या 70 से अधिक हो गई है, जहां स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी ने बुधवार और बृहस्पतिवार को अलग-अलग राजमार्गों पर यात्रा कर रहे दो वाहनों पर हुए अलग-अलग हमलों की सूचना दी थी, जिसमें छह लोग मारे गए थे।

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