

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने वॉशिंगटन को खुली चेतावनी दी है। ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि यदि अमेरिकी सेना ने ईरान की धरती पर कदम रखा तो उसे न केवल ईरानी सेना, बल्कि लाखों नागरिकों के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी जमीनी सैन्य कार्रवाई का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा और इससे पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष और व्यापक हो सकता है।
ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, हातमी ने कहा, "ईरान किसी भी सैन्य दखल को रोकने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करेगा। अगर अमेरिका ने हमारी जमीन पर अपना गंदा कदम रखा तो उसे लाखों लोगों का सामना करना पड़ेगा, जो अपने पास मौजूद हर साधन से जवाब देंगे।"
हातमी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका को शायद यह भ्रम था कि ईरान में उसका स्वागत होगा, लेकिन उसे ईरानी जनता के अभूतपूर्व प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुआ समझौता ट्रंप के रवैये की वजह से टूटा।
उन्होंने कहा, "हमें पहले से पता था कि दुश्मन समझौते का पालन नहीं करेगा और कोई मूर्खतापूर्ण कदम उठाएगा। इसलिए हमने एक पल भी बर्बाद नहीं किया और अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत किया।"
उधर, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। CENTCOM के अनुसार, इन हमलों में ईरानी सैन्य संचालन केंद्र, नौसैनिक क्षमताएं, विमान हैंगर, ड्रोन भंडारण सुविधाएं और सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
ईरान भी अमेरिकी हमलों का जवाब दे रहा है। ईरानी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य कार्रवाई से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान सहित कुछ देशों की ओर से मध्यस्थता की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि अब तक दोनों पक्षों के बीच किसी ठोस समाधान या युद्धविराम की संभावना नजर नहीं आ रही है। लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।