जयगांव डेवलपमेंट अथॉरिटी में भ्रष्टाचार की जांच

जयगांव डेवलपमेंट अथॉरिटी में भ्रष्टाचार की जांच
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अलीपुरदुआर : जयगांव डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेडीए) में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच तेज हो गई है। शिकायतों के आधार पर रविवार को कमीशन फॉर इंस्टीट्यूशनल करप्शन की टीम जेडीए कार्यालय पहुंची और विभिन्न फाइलों तथा दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। जांच के बाद अधिकारी कई महत्वपूर्ण कागजात अपने साथ ले गए। डीएसपी रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने संस्था के विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और आवंटन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, जेडीए के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। प्राथमिक जांच में वर्ष 2021 से 2024 के वित्तीय वर्षों के दौरान कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जाएगी। जेडीए पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2024 में संस्था के कार्यालय से 20 महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने का मामला सामने आया था। इसके अलावा विकास कार्यों के टेंडर और आवंटित राशि को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगे थे। उस समय तृणमूल कांग्रेस के अलीपुरदुआर जिला चेयरमैन गंगाप्रसाद शर्मा जेडीए के चेयरमैन थे। इस मामले पर कालचीनी के विधायक एवं राज्य के गृह राज्य मंत्री विशाल लामा ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों और कथित भ्रष्टाचार की जांच मुख्यमंत्री के निर्देश पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जेडीए कार्यालय में चल रही जांच भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग की जांच के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दस्तावेजों की पड़ताल में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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