चोरी के इल्जाम से आहत मासूम की आत्महत्या !

Innocent child commits suicide after being accused of theft!
सांकेतिक फोटो REP
Published on

नदिया : नदिया जिले के तेहट्ट स्थित दत्तोपाड़ा में पांचवी कक्षा के मात्र 11 वर्षीय छात्र बिट्टू हाल्दार ने अपने ऊपर लगे चोरी के झूठे इल्जाम और अपमान को सहन न कर पाने के कारण अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह अत्यंत दुखद मामला पांसकुड़ा की पिछली घटना की भयावह यादें ताजा करता है, जहां चिप्स चोरी के मामूली इल्जाम ने सातवीं कक्षा के एक छात्र की जान ले ली थी। एक बार फिर, एक छोटे से बच्चे को सामाजिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा, जिसका अंत इतना दर्दनाक हुआ।

अपमान की पीड़ा: क्यों उठाया यह कदम?

मृतक छात्र बिट्टू हाल्दार की मां ने इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह त्रासदी दुर्गा पूजा की सप्तमी की शाम को हुई। बिट्टू घर के पास ही एक स्थानीय मोदीखाना की दुकान पर कुछ सामान खरीदने गया था। दुकान के मालिक नवीन ने बिना किसी ठोस सबूत के मासूम बिट्टू पर 200 रुपये की चोरी करने का झूठा इल्जाम लगा दिया। इल्जाम लगाने के साथ ही, दुकानदार नवीन ने बिट्टू को अपमानित किया और उसकी साइकिल भी जब्त कर ली। दुकानदार ने कड़े शब्दों में कहा कि जब तक उसकी मां पैसे लेकर नहीं आएगी, तब तक साइकिल वापस नहीं मिलेगी।

जब बिट्टू की मां सच्चाई जानने के लिए दुकान पर पहुँची, तो दुकानदार नवीन ने उन्हें भी सबके सामने बुरी तरह अपमानित किया और चोरी का इल्जाम दोहराया। एक मासूम बच्चे के लिए 'चोर' कहे जाने का यह अपमान असहनीय था। मां के साथ हुए सार्वजनिक अपमान ने उसकी बची-खुची हिम्मत भी तोड़ दी होगी।

Innocent child commits suicide after being accused of theft!
सांकेतिक फोटो

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़

घर लौटने के बाद, बिट्टू ने परिवार के सदस्यों की अनुपस्थिति का फायदा उठाया और गले में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। रात में जब परिवार के सदस्य घर लौटे, तो उन्होंने बिट्टू को झूलती अवस्था में पाया। आनन-फानन में उसे फंदे से उतारा गया और तुरंत तेहट्ट अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के कर्तव्यरत डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मासूम बिट्टू की असमय मौत से पूरे दत्तोपाड़ा इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पर्व के उल्लास के बीच इस घटना ने मातम का माहौल बना दिया है।

पुलिस जांच और न्याय की मांग

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में दुकानदार नवीन के खिलाफ भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की सूचना मिलने के बाद जाँच शुरू कर दी है। मृतक छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। परिवार अब पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है और मांग कर रहा है कि दुकानदार नवीन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जिसके झूठे आरोप और अपमान ने एक मासूम की जान ले ली। यह घटना एक बार फिर इस बात पर विचार करने को मजबूर करती है कि छोटे बच्चों के प्रति समाज और वयस्कों का व्यवहार कितना संवेदनशील होना चाहिए।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in