

नई दिल्ली: भारत में खुदरा महंगाई दर मई 2026 में बढ़कर 3.93% हो गई है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के 4% अनुमान से थोड़ा कम रहा।
मई की महंगाई दर Reserve Bank of India के मध्यम अवधि के लक्ष्य के करीब बनी हुई है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आने वाले समय में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, मई में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 4.78% हो गई, जबकि अप्रैल में यह 4.20% थी। रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम लोगों के बजट पर पड़ा है।
मई महीने में सरकारी तेल कंपनियों ने चार बार ईंधन की कीमतों में बदलाव किया, जिससे परिवहन लागत बढ़ी। इसके चलते ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर अप्रैल के 0.01% से बढ़कर मई में 1.75% हो गई।
तेल की ऊंची कीमतों और कमजोर मानसून की आशंकाओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है। इसके साथ ही रुपये और चालू खाते के घाटे से जुड़े जोखिम भी बढ़े हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हुआ
दूध और ब्रेड जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़े
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी हुई
बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है।