New Delhi
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान डोनाल्ड टस्क और पीएम मोदी

यूक्रेन, पश्चिम एशिया में शांति के हर सार्थक प्रयास का समर्थन करेगा भारत : मोदी

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पोलैंड के उनके समकक्ष डोनाल्ड टस्क ने बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के बीच दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का गुरुवार को संकल्प लिया तथा द्विपक्षीय रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई। वार्ता के बाद, मोदी ने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास रखते हैं तथा भारत, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति लाने के हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा। यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर फिर से जोर दिए जाने के बीच, टस्क तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। मोदी ने कहा, ‘आज हम रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर सहमत हुए। हम पोलैंड की कंपनियों को आमंत्रित करते हैं कि वे इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर सह-विकास और सह-उत्पादन के काम में शामिल हों। महत्वपूर्ण खनिजों और कोयला गैसीकरण के क्षेत्र में भी, हम पोलैंड की विशेषज्ञता के साथ नयी साझेदारियां बनाएंगे।’

राजघरानों की याद दिलाई

मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच मित्रता न केवल राजनयिक संबंधों पर, बल्कि मानवता और करुणा की साझा विरासत पर भी आधारित है। उन्होंने कहा, ‘द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जामनगर और कोल्हापुर के राजघरानों ने भारत में पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को आश्रय दिया था। पोलैंड ने भी 2022 में यूक्रेन से हमारे छात्रों की सुरक्षित वापसी में मदद करके मानवता की इसी भावना का परिचय दिया।’ मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘दुनिया अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भी, भारत और पोलैंड, दोनों ही विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत ने भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नये अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा, ‘और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते ने इन अवसरों को और बढ़ा दिया है। लागू होने पर, यह समझौता भारत से पोलैंड को मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात के लिए नये अवसर खोलेगा। इसके अलावा, हम रेलवे और आवाजाही, अत्याधुनिक विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र में पोलैंड से नया निवेश लाएंगे।’ उन्होंने इस बात पर भी भरोसा जताया कि भारत और पोलैंड मिलकर दुनिया के लिए भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला विकसित करेंगे, और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के साझा लक्ष्य को भी हासिल करेंगे।

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