आईसीएआर-सीजीआईएआर अंतरराष्ट्रीय सप्ताह की मेजबानी करेगा भारत
नयी दिल्ली : भारत आईसीएआर-सीजीआईएआर विज्ञान एवं साझेदारी सप्ताह 2027 की मेजबानी करेगा। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 5,000 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। सम्मेलन में भारत के कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों, कृषि अनुसंधान में वैज्ञानिक उपलब्धियों और वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने बताया कि कहा कि सीजीआईएआर और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपने कार्यों को और अधिक तालमेल बिठाएगी। भारत दक्षिण-दक्षिण सहयोग को प्रोत्साहित करने के साथ विकासशील देशों के साथ अपने कृषि नवाचारों और अनुसंधान अनुभवों को साझा करेगा। दक्षिण ग्लोबल क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और टिकाऊ कृषि विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।कृषि अनुसंधान ग्लोबल नेटवर्क की प्रबंध निदेशक डॉ. इस्माहेने एलौफ़ी ने भारत-सीजीआईएआर साझेदारी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी क्षमता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से कृषि अनुसंधान को नई दिशा देने और वैश्विक स्तर पर कृषि चुनौतियों का समाधान तलाशने में मदद मिलेगी।भारत के जाने माने कृषि वैज्ञानिक डॉ. हिमांशु पाठक ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और वैश्विक साझेदारियों ने भारत के कृषि परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दुनिया के सभी देशों को कृषि की नयी तकनीक दी गयी लेकिन भारत के किसानों ने नयी तकनीक को तेजी से अपनाया और बेहतरीन उपयोग करके खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाया विज्ञान, प्रौद्योगिकी और वैश्विक साझेदारियों ने भारत के कृषि परिदृश्य को बदला है। लेकिन आज कृषि के सामने कुछ नयी चुनौतियां हैं अगले साल होने वाले सम्मेलन में इन पर मिल कर विचार किया जाएगा।

