चाय निर्यात बढ़ी, वैश्विक बाजार में बढ़ी मांग

श्रमिक कल्याण योजना से उद्योग को मिलेगी नई ऊर्जा

चाय निर्यात बढ़ी, वैश्विक बाजार में बढ़ी मांग
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : केंद्र सरकार की निर्यात प्रोत्साहन नीतियों, मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए), डिजिटल सुधारों और चाय उद्योग के लिए शुरू की गई नई पहलों के कारण भारत का निर्यात लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। टी बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित कुमार (आईएएस) और टी बोर्ड के डिप्टी चेयरपर्सन सी. मुरुगन ने कहा कि निर्यात क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ चाय उद्योग और चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

निर्यात ने भरी उड़ान

अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2014-15 में भारत का कुल निर्यात 468 अरब डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 863 अरब डॉलर से अधिक हो गया। सेवा क्षेत्र का निर्यात भी 158 अरब डॉलर से बढ़कर 410 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। सरकार ने मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और ईएफटीए देशों सहित कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का चाय निर्यात 254 मिलियन किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसकी कीमत लगभग 881 मिलियन डॉलर रही। चीन में भारतीय चाय की मांग तेजी से बढ़ी है और वहां निर्यात 18.3 मिलियन किलोग्राम तक पहुंच गया है।

314 करोड़ रुपये का रास्ता साफ

पश्चिम बंगाल में राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) के गठन के बाद प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना के तहत 314 करोड़ रुपये जारी होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सूखा-रोधी किस्मों, सिंचाई और आधुनिक तकनीकों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

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