ओमान तट पर भारतीय नाविकों पर हमले से भारत सख्त

4 दिन में 3 जहाज बने निशाना, 3 भारतीय नाविकों की मौत; विदेश मंत्रालय बोला- तुरंत रुकें ऐसे हमले
ओमान तट पर भारतीय नाविकों पर हमले से भारत सख्त
Published on

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान तट पर भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर लगातार हमलों को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताते हुए हमलों की निंदा की और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय नाविकों से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपने नाविक समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

अमेरिका को तलब कर दर्ज कराया विरोध

विदेश मंत्रालय ने बताया कि ओमान तट पर हुए हालिया हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। इस मामले में भारत ने अमेरिकी प्रभारी राजदूत (CDA) को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका हमारी चिंताओं को गंभीरता से लेगा। ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”

4 दिन में 3 जहाजों पर हमले

शिपिंग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल के अनुसार, 8 जून से अब तक भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन अलग-अलग जहाज हमलों का शिकार हुए हैं।

  • 8 जून: मारिवेक्स जहाज में आग लगने की घटना हुई। जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए।

  • 10 जून: एमटी सेट्टेबेलो पर हमला हुआ। जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। इस हमले में 3 भारतीयों की मौत हो गई, जबकि 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया।

  • 11 जून: एमटी जलवीर को निशाना बनाया गया। राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता

लगातार हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित देशों के साथ संपर्क में है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब समुद्री व्यापार और वैश्विक शिपिंग मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in