

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : इंडिया स्किल्स अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह-2025 का भव्य समापन मंगलवार को आईटीआई, डॉलीगंज में आयोजित समारोह के साथ हुआ। यह आयोजन कौशल विकास के क्षेत्र में तीन दिन तक चली प्रतिस्पर्धा, सीख और उत्कृष्टता का उत्सव रहा। कार्यक्रम ने द्वीपसमूह में कुशल एवं उद्योग-तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकित किया।
समापन समारोह में कई विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित थे, जिनमें शामिल थे:
मनोहर सिंह, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता एवं पूर्व प्राचार्य, डीब्राइट
प्रो. (डॉ.) सन्मुख कौर, प्राचार्य, डीब्राइट
डॉ. मंजुलता राव, प्राचार्य, टैगोर कॉलेज
प्रो. (डॉ.) पी. वी. एन. शर्मा, प्राचार्य, अंडमान लॉ कॉलेज
अतिथियों ने प्रतियोगिता स्थलों और कौशल एरिनाओं का भ्रमण किया और प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्साह और तकनीकी कौशल की प्रशंसा की, साथ ही उन्हें अपनी प्रतिभा को और निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने स्वागत भाषण में श्री वेंकटेश चंद्रशेखरन, प्रधानाचार्य एवं उप-अपरेन्टिसशिप सलाहकार, ने कहा कि इंडिया स्किल्स केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि प्रतिभा को क्षमता में और सीख को उत्कृष्टता में बदलने वाला मंच है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से युवा प्रतिभाओं को पेशेवर कौशल सीखने और अपने करियर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर प्रतियोगिता में विजेता, प्रथम उप विजेता और द्वितीय उप विजेता को गणमान्य अतिथियों द्वारा पदक, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। विजेताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस मंच ने उन्हें आत्मविश्वास और नयी तकनीकी क्षमताओं के साथ तैयार किया।
समापन समारोह का धन्यवाद ज्ञापन के. श्रीनिवास राव, श्रम आयुक्त एवं निदेशक (रोज़गार एवं प्रशिक्षण) ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों, आयोजकों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इंडिया स्किल्स जैसे कार्यक्रम द्वीपसमूह में कौशल विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस प्रकार, तीन दिनों तक चली इंडिया स्किल्स अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह-2025 की प्रतियोगिता ने न केवल प्रतिभा को निखारा, बल्कि द्वीपसमूह में कौशल और उत्कृष्टता की नई मिसाल भी स्थापित की।