

नई दिल्लीः भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश से कहा कि वह अपने यहां हो रहीं सांप्रदायिक घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाए। बांग्लादेश में पिछले कुछ हफ्तों में कम से कम छह हिंदू पुरुषों की हत्या किए जाने की पृष्ठभूमि में नयी दिल्ली की यह टिप्पणी आई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा बार-बार किए जा रहे हमलों का चिंताजनक सिलसिला देख रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है।
जायसवाल ने कहा, ‘हमने इस तरह की घटनाओं को व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ने की एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखी है।’ उन्होंने कहा, ‘इस तरह की अनदेखी से अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों के बीच भय एवं असुरक्षा की भावना और गहरी हो जाती है।’’
गौरतलब है कि 18 दिंसबर को बांग्लादेश के मयनमनसिंह जिले में 27 साल के दीपू चंद्र दास की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी और उसके बाद उसकी लाश को जला दिया गया सरेआम। इसके बाद और पांच हिंदुओं की हत्या की गई। एक रिपोर्ट में कहा गया कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं में तेजी ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि जब भी सरकार की पकड़ कमजोर होती है, तब हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ जाती है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों की ओर इशारा करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियां केवल हिंसक अपराधों का ही संकेत नहीं देतीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा करने में राज्य की विफलता को भी उजागर करती हैं।