

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने के मुद्दे पर ब्रिटेन ने भारत को 35 देशों की अहम बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि इस बैठक में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री वर्चुअल रूप से हिस्सा लेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन ने कई देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और भारत भी इस बैठक में शामिल होगा। उन्होंने बताया कि भारत ईरान और अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय जहाज़ों के लिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
जायसवाल के अनुसार, हाल के दिनों में हुई बातचीत के बाद छह भारतीय जहाज़ सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार कर चुके हैं और भारत संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। इन जहाज़ों के जरिए एलपीजी, एलएनजी और अन्य जरूरी उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया की करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति इसी संकरे समुद्री मार्ग से गुजरती है। भारत के लिए इसकी अहमियत और ज्यादा है, क्योंकि देश के लगभग 40 प्रतिशत तेल, 50 प्रतिशत एलएनजी और 80 प्रतिशत से ज्यादा एलपीजी आयात इसी रास्ते से होते हैं।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में भी बदलाव देखने को मिला है। पहले स्ट्रेट को खोलना उनकी प्राथमिकता बताया जा रहा था, लेकिन अब उन्होंने सहयोगी देशों से अपना तेल खुद प्रबंधित करने को कहा है, जिससे इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और जटिल हो गई है।