वोटर लिस्ट विवाद: अभिषेक के ‘स्क्रीनशॉट’ सबूत से बढ़ा चुनावी तापमान

माइक्रो ऑब्जर्वर की भूमिका पर उठाये कानूनी सवाल
अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी
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कोलकाता : चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है। माइक्रो ऑब्जर्वरों के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। आयोग के व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट सार्वजनिक कर यह आरोप तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लगाया। उन्होंने सीधा सवाल किया, “क्या आयोग को लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा सकती है?”

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनकी शिकायत को आधार बनाकर तृणमूल का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर कोलकाता स्थित चुनाव आयोग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएगा। बुधवार को अपने एक्स हैंडल पर अभिषेक ने आयोग के खिलाफ कई स्क्रीनशॉट साझा किए। उनका आरोप है कि शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी आदेश विधिवत नोटिस जारी कर ही लागू किया जाना चाहिए, लेकिन आयोग व्हाट्सऐप के जरिए निर्देश दे रहा है।

साझा किए गए स्क्रीनशॉट कथित रूप से ‘ईआरएमओ साउथ 24 परगना’ नामक व्हाट्सऐप ग्रुप के हैं। इसमें विशेष रोल ऑब्जर्वर सी. मुरुगन माइक्रो ऑब्जर्वरों को जन्म प्रमाणपत्र की वैधता पर सीधे निर्देश देते दिखाई दे रहे हैं। अभिषेक का दावा है कि इसी प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिला स्तर पर नियुक्त रोल ऑब्जर्वरों के लॉगिन को कोलकाता के एक केंद्रीय स्थान से एक्सेस किया जा रहा है, जिसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। अभिषेक ने कहा कि इस मामले को सर्वोच्च अदालत में उठाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

उल्लेखनीय हैं की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को ही आयोग को 'व्हाट्सऐप कमीशन' कह कर तंज कसी थी और अब खुद अभिषेक का चुनाव आयोग के मद्देनज़र इस आरोप से SIR प्रक्रिया को लेकर एकबार फिर राज्य राजनीति में विवाद तेज़ हो गया हैं।

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