सक्सेस मंत्रा कैंप " में बच्चों ने सीखे सफलता के वास्तविक सूत्र

ब्रह्माकुमारीज़ कोलकाता म्यूज़ियम में आयोजित ‘सक्सेस मंत्रा कैंप’ का शुभारंभ। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मुन्नी बहन (पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय, कोलकाता प्रभारी), ब्रह्माकुमारी सुप्रिया बहन (राजयोग शिक्षिका, माउंट आबू), ब्रह्माकुमारी आशा बहन, ब्रह्माकुमारी अर्चना बहन एवं ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी बहन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
ब्रह्माकुमारीज़ कोलकाता म्यूज़ियम में आयोजित ‘सक्सेस मंत्रा कैंप’ का शुभारंभ। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मुन्नी बहन (पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय, कोलकाता प्रभारी), ब्रह्माकुमारी सुप्रिया बहन (राजयोग शिक्षिका, माउंट आबू), ब्रह्माकुमारी आशा बहन, ब्रह्माकुमारी अर्चना बहन एवं ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी बहन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ब्रह्माकुमारीज़, कोलकाता म्यूज़ियम द्वारा 9 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए दो दिवसीय "Success Mantra Camp – Achieve Dreams" का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में लगभग 85 बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शिविर का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों, एकाग्रता तथा आध्यात्मिक जागरूकता का विकास करना था। दो दिनों के दौरान बच्चों को प्रेरणादायी सत्रों, समूह गतिविधियों, खेलों, आत्मचिंतन अभ्यासों एवं राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से जीवन में सफलता के वास्तविक सूत्रों से परिचित कराया गया।

बीके नेहा बहन, बीके लक्ष्मी बहन, बीके अर्चना बहन एवं बीके आशा बहन ने विभिन्न रोचक गतिविधियों, खेलों एवं समूह चर्चाओं के माध्यम से बच्चों को सकारात्मक सोच, सहयोग, आत्मविश्वास तथा जीवन मूल्यों का महत्व समझाया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अनेक जीवनोपयोगी सीख प्राप्त कीं।

शिविर के दौरान बच्चों ने संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन सकारात्मक विचारों का सृजन करेंगे, परिवार के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करेंगे, दूसरों की विशेषताओं को देखेंगे तथा नियमित रूप से ध्यान और मौन का अभ्यास करेंगे।

वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके अंजली बहन ने कहा कि वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने या प्रतियोगिताओं में जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, टीमवर्क, जीवन मूल्यों एवं अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने में निहित है। उन्होंने कहा कि सफलता का मंत्र हमारे प्रतिदिन के छोटे-छोटे निर्णयों में छिपा हुआ है।

बीके सुप्रिया बहन ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि बच्चों को केवल सफल बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें खुश, संतुलित एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ट्रॉफियाँ और प्रमाणपत्र समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन अच्छे संस्कार और सुंदर व्यक्तित्व जीवनभर साथ रहते हैं।

शिविर का विशेष आकर्षण "Meditative Strokes" गतिविधि तथा "Overcoming Exam Fear" सत्र रहा, जिसमें बच्चों को मानसिक एकाग्रता बढ़ाने एवं परीक्षा के तनाव से मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के व्यावहारिक सूत्र बताए गए। राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास ने बच्चों को आंतरिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक सोच का अनुभव कराया।

समापन अवसर पर ईस्टर्न ज़ोन मुख्यालय, कोलकाता म्यूज़ियम की इंचार्ज बीके मुन्नी दीदी ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता के लिए शुभकामनाएँ एवं ईश्वरीय आशीर्वाद प्रदान किए। उन्होंने श्रेष्ठ संस्कारों, आध्यात्मिक मूल्यों एवं सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

अभिभावकों के लिए आयोजित विशेष सत्र में बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। सभी अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए अनुरोध किया कि ऐसे मूल्य-आधारित एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएँ।

इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज़, 1ए, आशुतोष मुखर्जी रोड, कोलकाता – 700020 पर 9 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रत्येक रविवार प्रातः 11 बजे विशेष मूल्य-आधारित एवं व्यक्तित्व विकास कक्षाओं का नियमित आयोजन किया जाएगा।

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