अवैध निर्माण और 33,000 वोल्ट की तार ने ली राजमिस्त्री की जान, भड़का जनाक्रोश

Illegal construction and a 33,000-volt power line claimed the life of a mason, sparking public outrage.
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : बारासात के सासन थाना अंतर्गत गोलाबाड़ी इलाके में सोमवार सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। मौत के साये में हो रहे एक अवैध निर्माण ने एक श्रमिक की जान ले ली। छत के बिल्कुल ऊपर से गुजर रही 33,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की तार की चपेट में आने से एक राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

घटना का विवरण

मृतक की पहचान सैफुल इस्लाम के रूप में हुई है। वह गोलाबाड़ी के 'दादार मोड़' इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन मकान की छत और ऊपर से गुजर रही हाई-वोल्टेज बिजली की तार के बीच की दूरी बहुत ही कम थी। सोमवार सुबह जब सैफुल काम करने के लिए छत पर चढ़ा, तो वह अनजाने में इस तार के संपर्क में आ गया। 33 हजार वोल्ट के जबरदस्त झटके ने उसे संभलने का मौका तक नहीं दिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

अवैध निर्माण और प्रशासन पर सवाल

इस दुर्घटना ने इलाके में हो रहे अवैध निर्माणों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली की हाई-टेंशन तारों के नीचे घर बनाना पूरी तरह गैरकानूनी है, फिर भी यहाँ सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। स्थानीय लोगों ने निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने इस अवैध निर्माण के बारे में बार-बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासन को सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि मकान मालिक ने खतरे को जानते हुए भी सैफुल को जबरन छत पर काम करने के लिए भेजा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि "पैसे के दम पर गरीब मजदूरों की जान जोखिम में डाली जा रही है।"

पुलिस को झेलना पड़ा भारी विरोध

हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब शासन थाने की पुलिस घटनास्थल पर शव बरामद करने पहुँची, तो उन्हें भारी जन-आक्रोश का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को शव ले जाने से रोक दिया और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांग उठायी कि अवैध निर्माण करने वाले दोषी मकान मालिक को कड़ी सजा मिले। मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। इलाके में अन्य खतरनाक अवैध निर्माणों को तुरंत रोका जाए। काफी मशक्कत और आश्वासन के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि बिजली की इतनी उच्च क्षमता वाली लाइन के नीचे घर बनाने की अनुमति किसने दी या निर्माण को रोका क्यों नहीं गया।

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