IIEST शिबपुर और TCS का ऐतिहासिक कदम

एआई के क्षेत्र में खुलेगा नए युग का द्वार, बनेगा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'
IIEST Shibpur and TCS Launch AI Centre of Excellence
IIEST शिबपुर और आईटी जगत की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने हाथ मिलाया
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : 'डिजिटल इंडिया' और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को नई उड़ान देने के उद्देश्य से देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान IIEST शिबपुर और आईटी जगत की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने हाथ मिलाया है। इस रणनीतिक साझेदारी के तहत IIEST शिबपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (CoE) की स्थापना की गई है।

दिग्गजों की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर

22 सितंबर 2026 को आयोजित भव्य समारोह में एमओयू का आदान-प्रदान और उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर IIEST शिबपुर के निदेशक प्रो. वी. एम. एस. आर. मूर्ति, डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. प्रतीक दत्ता, डीन (अकादमिक) प्रो. अरिंदम बिस्वास, आईआईपीसी की चेयरपर्सन प्रो. कोनिका दास (भट्टाचार्य) और टीसीएस के वरिष्ठ नेतृत्व—श्री सौविक दास, श्री आनंद सिंह, श्री अनुपम चक्रवर्ती और श्री तापस लाहा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

चार मुख्य स्तंभों पर टिका होगा एआई सेंटर

संस्थान के निदेशक प्रो. वी. एम. एस. आर. मूर्ति ने कहा, "यह साझेदारी दोनों संगठनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और उद्यमिता का माहौल तैयार करेगी।" यह केंद्र मुख्य रूप से चार स्तंभों पर काम करेगा:

  1. कौशल विकास (Skill Development): छात्रों को उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण, प्रमाणन और टीसीएस में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा।

  2. सहयोगपूर्ण अनुसंधान (Collaborative Research): एनएलपी (NLP), कंप्यूटर विजन, इमेज प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स में व्यावहारिक शोध को बढ़ावा मिलेगा।

  3. औद्योगिक समाधान (Consulting Solutions): स्थानीय और क्षेत्रीय उद्योगों की परिचालन समस्याओं का एआई-आधारित समाधान तैयार करना।

  4. उद्यमिता को बढ़ावा (Entrepreneurship Support): हैकाथॉन, कार्यशालाओं और मेंटरशिप के जरिए दीप-टेक स्टार्टअप्स को सहयोग देना।

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