

भारतीय वायुसेना के प्रमुख Amar Preet Singh ने गुरुवार को एक अग्रिम एयरबेस से Mikoyan MiG-29UPG लड़ाकू विमान में ऑपरेशनल फॉर्मेशन सॉर्टी उड़ान भरी। इस उड़ान का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की फ्रंटलाइन यूनिट्स के साथ नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करना था।
इस फॉर्मेशन का नेतृत्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट परविंदर सिंह ने किया। उड़ान के अंत में रनवे के ऊपर फॉर्मेशन ने एक सटीक “स्मार्ट पील-ऑफ” मैन्युवर का प्रदर्शन किया, जो स्क्वाड्रन की उच्च स्तर की प्रशिक्षण क्षमता और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है।
दौरे के दौरान एयरबेस पर तैनात वायु योद्धाओं ने उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखी और उड़ान से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। एयरबेस के कमांडिंग ऑफिसर ने वायुसेना प्रमुख को स्क्वाड्रन की ऑपरेशनल भूमिका, MiG-29 UPG की उन्नत क्षमताओं और यूनिट की समृद्ध विरासत के बारे में जानकारी दी।
यह स्क्वाड्रन 1963 में अपनी स्थापना के बाद से देश की हवाई सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और जल्द ही अपनी सेवा के 63 वर्ष पूरे करने जा रहा है।
वायुसेना प्रमुख ने इस दौरान एयरक्रू, तकनीकी कर्मचारियों और ग्राउंड स्टाफ से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि तकनीकी और सहायक स्टाफ की भूमिका लड़ाकू विमानों की निरंतर ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।
इसके अलावा उन्होंने आसपास के क्षेत्रों से आए पूर्व वायुसेना कर्मियों से भी मुलाकात की और वायुसेना की परंपराओं को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।
वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व के ऐसे दौरे न केवल फ्रंटलाइन कर्मियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि बदलते सुरक्षा माहौल में ऑपरेशनल तालमेल और तैयारियों को भी मजबूत करते हैं।