

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को झटका और तृणमूल को बढ़त
भाजपा ने गोरखा समुदाय को अंधेरे में रखा
सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कर्सियांग विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा गुरुवार को तृणमूल में शामिल हो गये। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास नहीं कर पायी मगर माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास कार्यों पर उन्हें पूरा भरोसा है। भाजपा छोड़ने के पीछे उन्होंने एक बड़ा कारण बताया कि भाजपा ने मेनिफेस्टो में जो वादे किये थे उसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा में उनका दम घुटता था। दिल में दिस उठती थी क्योंकि धर्मीय राजनीति करना दिल गवाही नहीं दे रहा था। गाेरखा पंथी के अहम चेहरा में शामिल विष्णु प्रसाद शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा एक जुमलाबाज पार्टी है। 17 सालों से गोरखा समुदाय को अंधेरे में रखा गया। बीजेपी इस अंधेरे में टोर्च दिखाकर कहती है वह सूर्य की रोशनी है। पहाड़ के लोगों से किये गये वादे अधूरे है। यह पूछे जाने पर कि क्या गोरखालैंड को लेकर उनकी मांग अभी भी बरकरार है? इस पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा की मेनिफेस्टो में था, अब मैं टीएमसी में हूं। अब टीएमसी के मेनूफेस्टो को मानकर चलूंगा। यह सेंट्रल का विषय है। उल्लेखनीय है कि शर्मा ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग का यह कहते हुए समर्थन किया था कि दार्जिलिंग पहाड़ियों पर अधिक ध्यान देने और विकास की आवश्यकता है। उन्होंने यह दावा करते हुए भाजपा के प्रति कई बार असंतोष व्यक्त किया था कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने के आश्वासन के बावजूद, पार्टी जमीनी स्तर पर अपना वादा निभाने में विफल रही।
तृणमूल की टिकट के लिए पार्टी में नहीं आया
चुनाव के ठीक पहले दलबदल क्यों? क्या टिकट के लिए ऐसा किया, इस पर विष्णु प्रसाद ने कहा कि मैं टिकट की राजनीति नहीं करता हूं। अगर तृणमूल मुझे टिकट नहीं भी देगी तो भी मैं तृणमूल में ही रहूंगा। मैं विधानसभा के अंतिम दिन तक भाजपा में था मैंने अपने क्षेत्र के लोगों को धोखा नहीं दिया क्योंकि मैं उसूलों की राजनीति में भरोसा रखता हूं। दो महीने में सबकुछ साफ हो जायेगा।