H.S : पिता की चिता को मुखाग्नि देने के बाद 'थान' पहनकर परीक्षा देने पहुँचा बेटा

शोक की घड़ी में कर्तव्य पथ पर अडिग रहा स्वस्तिक
H.S: After lighting the funeral pyre of his father, the son appeared for the examination wearing 'Than'.
सफेद कपड़े में परीक्षा देने पहुंचा स्वस्तिकREP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया: मौत के मातम और परीक्षा के दबाव के बीच कर्तव्य की एक ऐसी तस्वीर नदिया जिले के हरिणघाटा से सामने आई है, जिसे देख हर किसी की आँखें नम हो गईं। पिता के निधन के महज कुछ घंटों बाद, उनका अंतिम संस्कार कर एक बेटा सफेद 'थान' (शोक की पोशाक) पहने परीक्षा केंद्र पहुँचा। पिता के बिछड़ने का गम तो गहरा था, लेकिन उनकी इच्छा पूरी करने का संकल्प उससे भी बड़ा साबित हुआ।

सिर से उठा पिता का साया

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिणघाटा नगरपालिका के वार्ड नंबर 5, आनंदपुर के निवासी सुदीप दास का बीते बुधवार शाम को निधन हो गया था। उनके बेटे स्वस्तिक दास, जो आनंदपुर हाई स्कूल के कॉमर्स विभाग का छात्र है, के लिए यह किसी वज्रपात से कम नहीं था। गुरुवार को पिता का दाह संस्कार किया गया और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार स्वस्तिक ने 'गुरुदशा' का पालन करते हुए सफेद थान धारण किया।

पिता के सपने के लिए थामी कलम

शुक्रवार को स्वस्तिक की उच्च माध्यमिक (HS) परीक्षा थी। बिरही नेताजी विद्याभवन स्थित परीक्षा केंद्र पर जब वह सफेद शोक वस्त्रों में पहुँचा, तो वहाँ मौजूद अभिभावक और अन्य छात्र दंग रह गए। स्वस्तिक ने बताया, "पिताजी हमेशा चाहते थे कि मैं अच्छी तरह परीक्षा दूँ और जीवन में सफल होकर खुद को स्थापित करूँ। वह अब लौटकर तो नहीं आएंगे, लेकिन उनका सपना पूरा करना ही उन्हें मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"

शोक को पत्थर बना सीने में दबाए स्वस्तिक ने पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा दी। उसके दोस्तों और शिक्षकों ने भी इस कठिन समय में उसका ढांढस बंधाया। स्वस्तिक के इस साहस की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है।

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