अंडमान में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर एचआरएस ने जतायी चिंता

आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर हिंदू राष्ट्र शक्ति ने सौंपा ज्ञापन
अंडमान में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर एचआरएस ने जतायी चिंता
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सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम :
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में आत्महत्या के लगातार बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए हिंदू राष्ट्र शक्ति (एचआरएस) के राज्य युवा अध्यक्ष अंग्शुमान रॉय ने उपराज्यपाल, मुख्य सचिव तथा दक्षिण अंडमान के उपायुक्त को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। रॉय ने अपने ज्ञापन में इस चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते चार वर्षों में आत्महत्या की दर लगातार बढ़ती जा रही है, जो स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। रॉय ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2021 में आत्महत्या की दर 39.7 प्रति एक लाख थी, जो 2022 में बढ़कर 42.8 और वर्ष 2023 में 49.6 प्रति एक लाख तक पहुंच गई। इस दर के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि बीते वर्ष लगभग 200 लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, बेरोजगारी, सामाजिक अलगाव, शैक्षणिक दबाव और संकट प्रबंधन तंत्र में खामियों का स्पष्ट संकेत देती है। अंग्शुमान रॉय ने कहा कि युवाओं पर शैक्षणिक दबाव और रोजगार की कमी का विशेष प्रभाव देखने को मिल रहा है, जबकि सामाजिक अलगाव और परिवारिक तनाव भी इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मानसिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाए, प्रशिक्षित काउंसलरों की तैनाती की जाए और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं।

रॉय ने सुझाव दिया कि सामाजिक संगठनों, शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों के साथ समन्वय बढ़ाकर मानसिक स्वास्थ्य के मामलों में त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दिशा में तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो आत्महत्या की दर और बढ़ सकती है, जिससे द्वीप समूह में सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है।

स्थानीय समुदाय और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की और प्रशासन से मांग की कि वे युवाओं के लिए रोजगार, काउंसलिंग और सामुदायिक सहभागिता के अवसर बढ़ाएं। अंग्शुमान रॉय ने कहा कि जागरूकता, शिक्षा और समर्थन के माध्यम से इस संकट को कम किया जा सकता है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने प्रशासन को आत्महत्या रोकने और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए त्वरित, प्रभावी और सतत कदम उठाने का आह्वान किया है।

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