

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा नगर निगम (HMC) ने शहर के सुंदरीकरण, आधुनिकीकरण और स्वच्छता को लेकर एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। निकासी और साफ-सफाई के बाद अब निगम का पूरा ध्यान शहर की सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक शौचालयों की कमी को दूर करने पर है। निगम के अधिकारियों के अनुसार, जनता से मिल रही शिकायतों और एक विस्तृत सर्वे के बाद शहर के प्रमुख व दर्शनीय स्थलों को चिह्नित किया गया है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के उन्नत टॉयलट्स की भारी जरूरत महसूस की जा रही थी। सर्वे के बाद नगर निगम ने शहर के 20 महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अत्याधुनिक 'पिंक टॉयलट' बनाने का निर्णय लिया है। यह विशेष रूप से महिलाओं के लिए होंगे। इन स्थानों में मुख्य रूप से शामिल हैं शरत सदन, डुमुरजला पार्क, डालमिया पार्क स्टेडियम, शिवपुर श्मशान, बोटानिकल गार्डेन, प्रमुख बाजार के इलाके।
बस्तियों के लिए 150 कम्युनिटी टॉयलट्स का लक्ष्य
नई सरकार द्वारा महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू की जाने के बाद निगम अब उनके लिए बाजारों और व्यस्त इलाकों को सुगम बना रहा है। हावड़ा में लगभग 500 बस्तियां हैं। नियमों के मुताबिक हर 50 घरों पर एक कम्युनिटी टॉयलट होना अनिवार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए 150 कम्युनिटी टॉयलट्स का निर्माण किया जाएगा। हालांकि इस पूरी परियोजना के सामने जमीन की कमी और बने हुए टॉयलट्स पर 'जबरन दखल' (अवैध कब्जा) सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। निगम का बिल्डिंग विभाग अब एक्शन मोड में है और ऐसी सभी विवादित जगहों को चिह्नित कर अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
व्यक्तिगत शौचालय के लिए मिलेगी आर्थिक मदद
हावड़ा नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर प्रबीर विश्वास ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए बताया कि निगम पहली बार व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए सीधे वित्तीय सहायता देगा। यदि किसी नागरिक के पास खुद की जमीन है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह शौचालय नहीं बनवा पा रहा है, तो वह निगम में आवेदन कर सकता है। जांच के बाद उसे 16,000 से 20,000 रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।