हावड़ा की 42 नंबर रूट की बसें बंद !

Howrah Route 42 Bus Service Suspended Passengers Suffer Due To Fare Dispute
फाइल फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : पश्चिम बंगाल में लंबे समय से बस और ऑटो के सरकारी किराये के ढांचे में कोई बदलाव नहीं होने के कारण राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था गहरे संकट में घिर गई है। परिचालन लागत बढ़ने से जहां एक तरफ बस मालिकों और कर्मचारियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ कई रूटों पर बिना सरकारी मंजूरी के किराया बढ़ाने के आरोप लग रहे हैं। इसके चलते यात्रियों और परिवहन कर्मियों के बीच आए दिन विवाद हो रहा है। इसी बीच, मालिक और कर्मचारियों के बीच बकाए वेतन को लेकर उपजे विवाद के कारण गुरुवार से हावड़ा के दानेश शेख लेन से न्यूटाउन जाने वाली 42 नंबर रूट की करीब 30 बसों का परिचालन बंद हो गया है, जिससे दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

परिवहन कर्मियों का कहना है कि ईंधन और स्पेयर पार्ट्स की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। उन्हें उम्मीद थी कि नई सरकार के आने के बाद किराये में बढ़ोतरी पर जल्द फैसला लिया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई सरकारी घोषणा नहीं हुई है। दक्षिण हावड़ा में सरकारी बसें न के बराबर होने के कारण लोग निजी बसों पर ही निर्भर हैं। किराया बढ़ाने को लेकर अलग-अलग रूटों पर अलग स्थिति है। हावड़ा स्टेशन-37 नंबर रूट पर न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये वसूलने का आरोप है। वहीं, सलकिया-बेलगछिया सहित कई ऑटो रूटों पर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा कर किराया 3 से 5 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। इसके विपरीत, बोटानिक गार्डन-बारासात रूट बस एसोसिएशन ने अब भी पुराना किराया ही रखा है और वह जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के फैसले का इंतजार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द ही किराये की समीक्षा कर नई गाइडलाइन जारी नहीं की, तो यह संकट और गहरा सकता है।

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