निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : आमता थाना अंतर्गत नारिट न्यायरत्न इंस्टीट्यूट में लंबे समय से प्रधानाध्यापक सुशील कुमार घड़ाई के स्कूल नहीं आने और मिड-डे मील में अनियमितताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को जब प्रधानाध्यापक विद्यालय पहुंचे, तो अभिभावकों और विद्यार्थियों ने उनके खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ नारेबाजी भी की। अभिभावकों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक के नियमित नहीं आने से पठन-पाठन ठप है, मिड-डे मील बंद पड़ा है और उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। उन्होंने विद्यालय के हित में प्रधानाध्यापक को पद से हटाने की मांग की है।
प्रधानाध्यापक की सफाई और शिक्षा विभाग की कार्रवाई
दूसरी ओर, प्रधानाध्यापक सुशील कुमार घड़ाई ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश बताया। उनका कहना है कि बीमारी के कारण वे तीन महीने स्कूल नहीं आ सके थे, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन और शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्रधानाध्यापक ने अस्वस्थता का दावा तो किया, लेकिन न तो उचित तरीके से छुट्टी ली और न ही मिड-डे मील का प्रभार किसी अन्य को सौंपा। इस लापरवाही से उत्पन्न गतिरोध को समाप्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नए शिक्षक को टीचर-इन-चार्ज की जिम्मेदारी सौंप दी है।