

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा: मानसून के आगमन से पहले हावड़ा शहर की नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। हाल ही में निगम के नए कमिश्नर, जिला अधिकारी, राज्य के मंत्रियों और स्थानीय विधायकों की मौजूदगी में एक उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून पूर्व की तैयारियों को पुख्ता करना और जलजमाव व कचरा प्रबंधन जैसी गंभीर समस्याओं से शहर को निजात दिलाना है।
शहर की सड़कों पर बिखरे कचरे और जलजमाव से त्रस्त आम लोगों को राहत देने के लिए निगम ने एक ठोस कार्ययोजना बनाई है। मंत्री और उत्तर हावड़ा के विधायक उमेश राय ने बताया कि अब बाजारों के कचरे को बाहर फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कचरा सीधे ट्राइसाइकिल बॉक्स के जरिए विशेष वाहनों में डाला जाएगा, जो उसे सीधे डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा, शहर में 'मूवेबल कॉम्पैक्टर' वाहनों का उपयोग किया जाएगा, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके। उन्होंने बताया कि नगर निगम के 500 ऐसे पदों को तत्काल भरा जाएगा जो अभी खाली हैं, ताकि सफाई कार्य की गति बढ़ाई जा सके।
मानसून में जलजमाव की समस्या पर प्रहार करते हुए निगम ने 10 जून से ओपन और अंडरग्राउंड नालियों की व्यापक सफाई शुरू कर दी है। इस कार्य को 10-15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और सफाई कार्य दो शिफ्टों में संचालित होगा। प्रशासन का मानना है कि यदि यह सफाई कार्य योजनाबद्ध तरीके से संपन्न होता है, तो शहर की 80 फीसदी जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।