निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा शहर में दृश्य प्रदूषण (विजुअल पोल्यूशन) को खत्म करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हावड़ा नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और अन्य जनसेवा ढांचों पर अवैध रूप से टांगे गए होर्डिंग्स, पोस्टरों और बैनरों को चिन्हित कर हटाने का अभियान तेजी से शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से जहां एक ओर शहर की खोई हुई सुंदरता वापस लौटेगी, वहीं दूसरी ओर बिजली की बुनियादी संरचना की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
शहर की प्रमुख सड़कों, गलियों और चौराहों पर लंबे समय से सरकारी संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग कर विज्ञापन टांगे जा रहे थे। कहीं रस्सियों से बैनर बांधे गए थे, तो कहीं सीधे खंभों पर पोस्टर चिपका दिए गए थे। हावड़ा नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बिजली के खंभों या ट्रांसफॉर्मर जैसी संवेदनशील जगहों पर विज्ञापन लगाना बेहद खतरनाक है। बारिश या तूफान के समय ये बैनर टूटकर गिरने से राहगीरों और वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, बिजली विभाग के कर्मचारियों को मेंटेनेंस और आपातकालीन मरम्मत कार्यों में भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।
स्वीकृत स्थानों पर ही विज्ञापन की अनुमति, नियम तोड़ने पर होगी सख्त निगरानी
हावड़ा नगर निगम ने सभी विज्ञापनदाताओं और व्यावसायिक एजेंसियों से अपील की है कि वे विज्ञापन प्रचार के लिए केवल निर्धारित और स्वीकृत स्थानों का ही उपयोग करें।
नगर निगम द्वारा उठाए गए इस कदम के मुख्य बिंदु:
सघन चेकिंग अभियान: शहर के सभी प्रमुख इलाकों में अवैध होर्डिंग्स को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है।
पुनरावृत्ति पर रोक: एक बार पोस्टर हटने के बाद दोबारा अवैध विज्ञापन न लगाए जाएं, इसके लिए विशेष निगरानी टीम तैनात की गई है।
नागरिकों का समर्थन: स्थानीय निवासियों ने हावड़ा नगर निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।
हावड़ा नगर निगम का स्पष्ट संदेश है—व्यापारिक प्रचार करें, लेकिन जनसुरक्षा और शहर की सुंदरता की कीमत पर नहीं। जिम्मेदार विज्ञापन व्यवस्था के जरिए शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाना ही अब नगर निगम का मुख्य लक्ष्य है।