

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा: हावड़ा शहर में लगातार हो रही भारी बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। गुरुवार शाम से शुरू हुआ तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। इसके चलते शहर के अधिकांश हिस्सों में भयंकर जलभराव हो गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
निचले इलाकों की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहाँ सड़कों पर टखने से लेकर घुटनों तक पानी भर गया है। इस जलजमाव का सबसे बड़ा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। हावड़ा के बाली बैरकपुर हाई स्कूल परिसर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्कूल के क्लासरूम, टीचर्स रूम और यहाँ तक कि मिड-डे मील बनाने वाले कमरों में भी पानी भर चुका है, जिससे पठन-पाठन का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्र जैसे टिकियापाड़ा, सालकिया, घुसुड़ी, बेलगाछिया और शिवपुर पूरी तरह जलमग्न हैं। यहाँ तक कि दूसरे हुगली सेतु (विद्यासागर सेतु) के ब्रिज एप्रोच रोड पर भी भारी जलजमाव देखा गया। सड़कों पर पानी भरने के कारण सुबह दफ्तर और अपने काम पर निकले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे यातायात की रफ्तार भी काफी धीमी पड़ गई।
हावड़ा नगर निगम की कमान संभाल रहे राज्य के शहरी विकास विभाग के राज्य मंत्री उमेश राय ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि प्रभावित इलाकों से पंपों के जरिए पानी निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही शहर के सभी प्रमुख नालों और खालों की डीसिल्टिंग (पुनर्संस्कार) का काम शुरू किया जाएगा ताकि भविष्य में जल निकासी तेजी से हो सके। फिलहाल प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।