निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : तारापीठ और कोलकाता की हालिया अग्निकांड की घटनाओं के बाद हावड़ा जिला प्रशासन और दमकल विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में आ गए हैं। राज्य भर में जारी विशेष दिशा-निर्देशों के तहत बाली, बेलूड़ और लिलुआ समेत विभिन्न इलाकों के होटलों, लॉजों और नर्सिंग होम में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच के लिए व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
30 संस्थानों में दमकल विभाग का औचक निरीक्षण
बाली फायर स्टेशन के ओसी सोमनाथ प्रामाणिक के नेतृत्व में और हावड़ा सिटी पुलिस की मौजूदगी में चले इस अभियान के दौरान करीब 30 संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। दमकल कर्मियों ने मुख्य रूप से अग्निशामक यंत्रों की स्थिति, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) और अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि कई पुराने भवनों में बने होटलों में केवल एक ही सीढ़ी उपलब्ध है, जो आपातकालीन स्थिति में बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।
28 संस्थानों को नोटिस, कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और खामियां पाए जाने पर प्रशासन ने 28 संस्थानों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है। ओसी सोमनाथ प्रामाणिक ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शेष संस्थानों का निरीक्षण भी जल्द पूरा कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।