हावड़ा के डोमजुड़ में मिट्टी का भारी संकट, ठप हुआ दुर्गा मूर्ति निर्माण !

कारीगर लौटे घर, पूजा कमेटियों की बढ़ी चिंता
Howrah Clay Crisis: Durga Idol Making Halts in Domjur, Artisans Helpless
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा: दुर्गा पूजा में अब कुछ ही महीने शेष हैं, लेकिन हावड़ा के डोमजुड़ स्थित पटुआपाड़ा के मूर्तिकारों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आमतौर पर इस समय तक मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में दिन-रात काम चलता था, लेकिन इस साल मिट्टी की तीव्र किल्लत के कारण दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।

20 दिनों से आपूर्ति बंद, खड़ के ढांचे पर नहीं चढ़ पा रही मिट्टी

स्थानीय मूर्तिकारों के अनुसार, पिछले 20 से अधिक दिनों से प्रतिमा बनाने के लिए उपयुक्त मिट्टी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। मूर्तिकार दिलीप मंडल ने बताया कि प्रतिमाओं के लिए आवश्यक मिट्टी आमतौर पर दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर इलाके से आती है, जो काफी समय से नहीं पहुंची है। पटुआपाड़ा के विभिन्न स्टूडियो में मूर्तियां केवल खड़ (पुआल) से बंधी पड़ी हैं, मिट्टी का लेप न होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

कारीगरों का पलायन और ऑर्डर रद्द होने का खतरा

काम बंद होने से मूर्तिकारों के साथ-साथ पूजा कमेटियों की भी धड़कनें बढ़ गई हैं। मूर्तिकार बाबूराम चित्रकार ने बताया कि इस क्षेत्र में 40 से अधिक प्रतिमा निर्माण कारखाने हैं और सभी इस संकट से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि अब नए ऑर्डर वापस करने पड़ रहे हैं। काम न होने के कारण कई कुशल कारीगर अपने घरों को लौट चुके हैं। मूर्तिकारों को डर है कि यदि जल्द मिट्टी मिल भी गई, तो इन कारीगरों को दोबारा वापस बुलाना और समय पर मूर्तियों की डिलीवरी देना एक बड़ी चुनौती होगी। कलाकारों ने अब इस मामले में राज्य सरकार से जल्द हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

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