निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा जिले के उलूबेड़िया और सांकराइल क्षेत्र के ढाकियों के लिए इस बार की दुर्गा पूजा बेहद खास और ऐतिहासिक साबित होने जा रही है। कोलकाता के भव्य ईडन गार्डन्स स्टेडियम में राज्य सरकार द्वारा आयोजित महालया के मेगा इवेंट में इन कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का एक बड़ा और सम्मानजनक अवसर मिला है। इस बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक कार्यक्रम में राज्यभर के 1,000 चुनिंदा ढाकियों के साथ उलूबेड़िया-1 ब्लॉक के धुलासिमला रुईदास पाड़ा से 18 और सांकराइल से 42 ढाकी एक साथ मंच साझा करेंगे। इस बड़े आयोजन को लेकर कलाकारों के परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
बड़े मंच के साथ बेहतर आय का अवसर
ईडन गार्डन्स में होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से न केवल इन लोक कलाकारों की कला को राज्य स्तर पर पहचान मिल रही है, बल्कि उनकी आजीविका को भी एक नया सहारा मिला है। 7 से 10 तारीख तक चलने वाले इस चार दिवसीय उत्सव में भाग लेने वाले कलाकारों को रहने-खाने की व्यवस्था के साथ प्रतिदिन 900 रुपये का सम्मानजनक भुगतान किया जा रहा है। धुलासिमला रुईदास पाड़ा के लगभग 40 पारंपरिक परिवारों के लिए यह अवसर एक नई ऊर्जा और आर्थिक संबल लेकर आया है, जहां कलाकार रविवार सुबह से ही पूरी लगन के साथ अपने ढाकों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की नई उम्मीद
महालया की शाम को कई बड़ी दुर्गा पूजा का वर्चुअल उद्घाटन होगा, जहां हावड़ा के इन हुनरमंद ढाकियों की ताल ईडन गार्डन्स को गुंजायमान करेगी। धुलासिमला के लक्ष्मीकांत रुईदास सहित अन्य स्थानीय कलाकारों का मानना है कि ऐसे बड़े सरकारी आयोजनों और सम्मानजनक पारिश्रमिक से पारंपरिक कला को नया जीवन मिलता है। यह पहल न केवल ढाकियों के जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि हमारी समृद्ध लोक-संस्कृति को आने वाली नई पीढ़ी के बीच गर्व से जीवित रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगी।