

Pakistan गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिसके चलते सरकार कोविड-काल जैसी कई ईंधन बचत उपायों पर विचार कर रही है। संकट की मुख्य वजह Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंध को बताया जा रहा है।
Islamic Revolutionary Guard Corps ने कहा है कि युद्धकालीन परिस्थितियों में Iran को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को नियंत्रित करने का अधिकार है। ईरान ने यह भी कहा कि यह मार्ग खासतौर पर United States, Israel, यूरोपीय देशों और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद रहेगा।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री Muhammad Aurangzeb के अनुसार देश के पास फिलहाल केवल लगभग 28 दिनों का पेट्रोल और डीज़ल, 10 दिनों का कच्चा तेल तथा 15 दिनों की एलपीजी का भंडार बचा है। Dawn अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक Shehbaz Sharif सरकार स्थिति से निपटने के लिए कई कदमों पर विचार कर रही है।
इनमें हर सप्ताह पेट्रोल की कीमतों की समीक्षा, तेल कंपनियों को बढ़े हुए बीमा और आयात प्रीमियम की भरपाई, तथा ईंधन बचाने के उपाय शामिल हैं। सरकार कॉर्पोरेट कंपनियों को सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है और इस महीने दफ्तरों में केवल जरूरी कर्मचारियों की मौजूदगी रखने का सुझाव दिया जा सकता है। कर्मचारियों को कारपूल यानी साझा वाहन इस्तेमाल करने की भी सलाह दी जा सकती है।
इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जो Iran और Oman के बीच स्थित है, दुनिया के समुद्री तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।