वित्तीय संकट में पड़ी हुगली नदी जलमार्ग परिवहन समिति, जिला प्रशासन ने किया हस्तक्षेप

हर महीने 50 हजार रुपये की किश्तों में चुकानी होगा बकाया,जिला परिषद् ने जारी किया था पत्र
Financial Crisis in Hooghly River Waterway Transport Society; District Admin Intervenes
सांकेतिक फोटो REP
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नि​धि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : हुगली नदी जलमार्ग परिवहन समवाय समिति इस समय गहरे आर्थिक संकट से जूझ रही है। समिति हुगली नदी में कुल सात रूटों पर लॉन्च सेवाओं का संचालन करती है, जिसके लिए वह विभिन्न एजेंसियों से घाटों को लीज पर लेती है। हावड़ा ग्रामीण क्षेत्र के फेरी घाटों की मालिक हावड़ा जिला परिषद है। लंबे समय से वित्तीय तंगी के कारण समिति जिला परिषद को लीज का करीब 30 लाख रुपये बकाया नहीं चुका पाई है। बकाया वसूली के लिए जिला परिषद ने समिति को लीज रद्द करने की चेतावनी का पत्र जारी किया था। हालांकि यात्रियों की संभावित परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया। दोनों पक्षों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एक समझौता हुआ, जिसके तहत समिति पहले 1 लाख रुपये और उसके बाद हर महीने 50 हजार रुपये की किश्तों में बकाया राशि का भुगतान करेगी। हावड़ा जिला परिषद के सहायक सभाधिपति तुषार घोष ने पुष्टि की कि बाउड़िया और गादियाड़ा फेरी घाटों का बकाया अब समझौते के अनुसार चरणबद्ध तरीके से वसूला जाएगा।

मेट्रो सेवा और डीजल की कीमतों ने बढ़ाईं मुश्किलें

समिति के वरिष्ठ अधिकारी दुलाल भट्टाचार्य के अनुसार, वर्ष 2018 के बाद से लॉन्च का किराया नहीं बढ़ा है। गंगा के नीचे से हावड़ा तक मेट्रो सेवा शुरू होने के कारण लॉन्च से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे आय का जरिया बेहद घट गया है। वहीं दूसरी ओर, पिछले कुछ वर्षों में ईंधन (डीजल) के दाम काफी बढ़ गए हैं। जिला परिषद के अलावा कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का भी भारी बकाया है। अधिकारियों का मानना है कि इस घाटे से उबरने और संस्था को उबारने के लिए किराया बढ़ाना ही एकमात्र उपाय बचा है।

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