बहू की हत्या के मामले में ऐतिहासिक फैसला: वकील पति समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास

Historic verdict in daughter-in-law's murder case: Four convicts, including lawyer husband, sentenced to life imprisonment
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगाँव: उत्तर 24 परगना के बनगाँव अनुमंडल न्यायालय (Fast Track Court) ने शुक्रवार को एक बेहद संवेदनशल मामले में फैसला सुनाते हुए न्याय की मिसाल पेश की। न्यायालय ने अपनी बहू की बर्बर हत्या के जुर्म में मृतका के पति, ससुर, सास और देवर समेत चारों दोषियों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की कठोर सज़ा सुनाई। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो घरेलू हिंसा और क्रूरता को अंजाम देते हैं।

क्रूरता की हदें पार

हत्या की यह दुखद घटना 8 अप्रैल 2022 को हुई थी। मछलंदपुर की निवासी इतु सेन (उर्फ प्रिया) का विवाह बनगाँव के निवासी और पेशे से वकील रथींद्रनाथ सेन के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही इतु को उसके पति रथींद्र, ससुर रबींद्रनाथ सेन, सास सुप्ता सेन और देवर रजत सेन द्वारा शारीरिक और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप था कि ससुराल वाले मिलकर इतु पर अत्याचार करते थे।

क्रूरता की हदें तब पार हो गईं जब 8 अप्रैल 2022 को ससुराल के इन चारों सदस्यों ने मिलकर इतु की बेरहमी से पिटाई की। पिटाई के कारण इतु अचेत हो गई, जिसके बाद परिवार ने उसे ज़िम्मेदार नागरिक की तरह अस्पताल ले जाने के बजाय, बेहोशी की हालत में बनगाँव अस्पताल में छोड़कर भाग गए। उसी दिन इतु सेन की मृत्यु हो गई।

तीन साल चली कानूनी लड़ाई, 14 गवाहों ने दी गवाही

मृतका की माँ ममता बिस्वास ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने की ठानी और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वकील रथींद्रनाथ सेन समेत उनके परिवार के सभी चारों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

बनगाँव अनुमंडल न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई, जो लगभग तीन साल तक चली। इस दौरान 14 महत्वपूर्ण गवाहों ने गवाही दी, जिन्होंने अभियोजन पक्ष के आरोपों को पुख्ता किया। न्यायाधीश कल्लोल दास ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए, सभी चारों आरोपियों को हत्या और क्रूरता के मामले में दोषी करार दिया।

भावुक हुई माँ, न्यायालय के फैसले पर संतुष्टि

शुक्रवार को जैसे ही न्यायाधीश ने रथींद्रनाथ सेन, रबींद्रनाथ सेन, सुप्ता सेन और रजत सेन को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई, न्यायालय परिसर में मौजूद मृतका की माँ ममता बिस्वास भावुक हो गईं। उन्होंने आँखों में आंसू लिए हुए कहा, "मेरे पास और कुछ कहने के लिए शब्द नहीं हैं। मैं न्यायालय के इस निर्णय से पूरी तरह संतुष्ट हूँ। मेरी बेटी को आखिरकार न्याय मिला।"

यह फैसला न केवल इतु सेन के परिवार के लिए न्याय लेकर आया है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि समाज में घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को कानून सख्ती से निपटेगा, चाहे दोषी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।

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