प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

बांग्लादेश में लगातार दूसरे दिन हिंदू व्यक्ति की हत्या, चाय बागान में मिली हाथ-पैर बंंधी लाश

चावल व्यवसायी सुसेन चंद्र सरकार की हत्या के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि अब एक दूसरे हिंदू युवक को मार दिया गया। यह घटना बांग्लादेश के पूर्वोत्तर हिस्से में ठीक चुनाव से पहले घटी है।
Published on

नई दिल्लीः एक दिन पहले ही बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में हिंदू चावल व्यवसायी सुसेन चंद्र सरकार की धारदार अधियारों से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि अब एक दूसरे हिंदू युवक को मार दिया गया। यह घटना बांग्लादेश के पूर्वोत्तर हिस्से में ठीक चुनाव से पहले घटी है।

बांग्लादेश के दैनिक द डेली स्टार ने कमालगंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (ओसी) अब्दुल अव्वल के हवाले से बताया है कि मृतक की पहचान रतन कर के रूप में हुई है, जो राजधानी ढाका से लगभग 190 किलोमीटर दूर मौलवीबाजार के कमालगंज उपजिला में इस्लामपुर संघ के अंतर्गत चंपारा चाय बागान में काम करता था। बुधवार को इसी चायबागान में उसकी लाश पायी गई। उसके हाथ पैर बंधे हुए थे। उसके शरीर पर चोट के निशान थे, इससे अंदाजा लगायी जा रहा है कि उसे पीट-पीट कर मारा गया है।

बांग्लादेश के दैनिक द डेली स्टार ने अपनी रिपोर्ट में चाय बागान के मजदूर के हवाले से बताया है कि रतन को शायद कहीं और मारा गया होगा और बाद में लाश को बागान में फेंक दिया गया होगा। रतन के बड़े भाई लक्ष्मण कर ने कहा कि परिवार पिछली रात से ही उसे ढूंढ रहा था, लेकिन कहीं उसका कोई पता नहीं चला। उसने यह भी कहा कि आज सुबह हमें बताया गया कि उसकी लाश बगीचे में पड़ी है। हम वहां गए और उसकी पहचान की। हमें नहीं पता कि उसे क्यों मारा गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर
बांग्लादेश में चुनाव से दो दिन पहले हिंदू व्यापारी की हत्या, लाखों रुपये लूट भी ले गए

चुनाव को लेकर हिंदुओं में डर पैदा करने की आशंका

आशंका जतायी जा रही है कि चुनाव से पहले हिंदुओं में डर-भय पैदा करने के उद्देश्य से रतन की हत्या की गई है। हालांकि, पुलिस ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे ऐसा कोई लिंक दिखे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लाश को कब्जे को लेकर पोस्टमार्टम के लिए मौलवीबाजार सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इसने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश के हिंदू समुदाय के खिलाफ हमले और हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें कुछ लोगों को पीट-पीटकर मारा गया या आग में झुलसा दिया गया। इन घटनाओ से बांग्लादेश के एक करोड़ से अधिक हिंदुओं में लगातार भय का माहौल बन रहा है।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in