बारासात में पशु तस्करी के संदेह में भारी तनाव, पुलिस से छीने गए आरोपी

जमकर हुई पिटाई, राष्ट्रीय राजमार्ग किया गया अवरोध
High tension in Barasat over suspected cattle smuggling; accused snatched from police custody.
सांकेतिक फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात: बारासात थाना अंतर्गत नेताजी पल्ली इलाके में गुरुवार की देर रात रात पशु तस्करी के संदेह में जबरदस्त तनाव फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने न केवल राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम किया, बल्कि पुलिस की गाड़ी को रोककर दो संदिग्ध तस्करों को छीन लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। प्रदर्शनकारियों ने मृत गाय को सड़क पर रखकर घंटों तक यातायात ठप रखा।

क्या है पूरा मामला?

पिछले काफी समय से बारासात के नेताजी पल्ली इलाके से पालतू मवेशी रहस्यमय तरीके से लापता हो रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो गायों को जहर देकर मार देता है और फिर उनके शवों को तस्करी के लिए ले जाता है। गुरुवार शाम जब कुछ ग्रामीण अपने लापता मवेशियों की तलाश में निकले, तो बारासात कालीबाड़ी क्षेत्र के एक मैदान में उन्होंने कुछ युवकों को एक मृत गाय को गाड़ी में लादते हुए देखा। जैसे ही ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, कुछ युवक गाड़ी लेकर फरार हो गए, लेकिन नाज़मुल हुसैन और निज़ामुद्दीन नाम के दो युवक पकड़े गए। पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि उन्हें केवल 300 रुपये के बदले मरे हुए जानवर को उठाने के लिए बुलाया गया था। इस जवाब से गुस्साए लोगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी।

पुलिस पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

घटना की सूचना पाकर जब दत्तोपुकुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को हिरासत में लेकर ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। लोगों का कहना था कि पुलिस इन तस्करों को ले जाकर छोड़ देगी, इसलिए उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। गुस्साई भीड़ ने पुलिस वाहन से आरोपियों को खींचकर बाहर निकाला और फिर से पीटना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए मृत गाय (जो कथित तौर पर गर्भवती थी) के शव को सड़क पर रख दिया और टायर जलाकर राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया। इससे घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देता, वे पीछे नहीं हटेंगे।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

स्थिति बिगड़ते देख बारासात के एसडीपीओ (SDPO) के नेतृत्व में एक विशाल पुलिस बल मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने गाय के शव को पोस्टमार्टम के लिए बारासात पशु चिकित्सा केंद्र भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी काजीपाड़ा इलाके के निवासी हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सच में पशुओं को जहर देकर मारा जा रहा था और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। इलाके में अभी भी तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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