निधि, सन्मार्ग संवाददाता
उत्तर 24 परगना : हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद मंगलवार को पुलिस-प्रशासन ने देगंगा बाजार में बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बनी भाजपा नेता की चार दुकानों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस दौरान आरोपी भाजपा नेता के परिजनों ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए काफी तनाव पैदा हो गया। हालांकि, मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।
तीन बार हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, देगंगा बाजार में टकी रोड के किनारे पूर्व सैनिक विश्वजीत दास के घर के सामने सरकारी खास जमीन पर साल 2020 में भाजपा के शक्ति प्रमुख सुकुमार पाल ने अपने भाइयों के साथ मिलकर अवैध दुकानें बना ली थीं। विश्वजीत दास की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 2021 और फिर 2023 में दुकानें तोड़ने का आदेश दिया था। प्रशासन द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर वर्ष 2026 में अदालत ने फिर से बुलडोजर चलाने का आदेश दिया, जिसके पालन में मंगलवार को यह कार्रवाई पूरी की गई।
कानून अपना काम करेगा: भाजपा नेता का बयान
कार्रवाई के दौरान सुकुमार पाल के परिवार की महिलाओं ने पुलिस से तीखी बहस की, जिन्हें पुलिस ने हटाकर विध्वंस कार्य पूरा कराया। सुकुमार पाल का आरोप है कि बाजार में अन्य अवैध दुकानें भी हैं, लेकिन केवल उन्हें निशाना बनाया गया। वहीं, भाजपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य तरुण कांति घोष ने स्पष्ट किया कि कानून अपने हिसाब से चलेगा और यदि निर्माण अवैध है, तो प्रशासन कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।