

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चाइनीज स्कूल के आठ कमरों पर कब्जा दिलाने के लिए हाई कोर्ट ने एक स्पेशल अफसर को नियुक्त किया है। शुक्रवार को जस्टिस कृष्णा राव ने मामले की सुनवायी के बाद यह आदेश दिया। इसके साथ ही इस मामले में सीआईएसएफ के रवैये पर सख्त नाराजगी जतायी। जस्टिस राव ने स्पेशल अफसर को आदेश दिया कि वे शुक्रवार की शाम को छह बजे तक कमरों पर कब्जा दिला देंगी। इसके साथ ही इस मौके पर सीआईएसएफ के ग्रुप कमांडर भी मौजूद रहेंगे।
यहां गौरतलब है कि आरजीकर की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा के लिए आरजीकर में सीआईएसएफ के जवानों को तैनात करने का आदेश दिया था। इसका हवाला देते हुए सीआईएसएफ के जवानों को रखने के लिए चाइनीज स्कूल (पेई मे चाइनीज स्कूल) के 18 कमरे दो माह के लिए लिए गए थे। दो साल बीतने के बाद भी जब उन्हें खाली नहीं किया गया तो हाई कोर्ट में रिट दायर कर दी गई। शुक्रवार को जस्टिस राव ने आदेश दिया था कि पीटिशनर और राज्य के एडवोकेट आपसी सहमति से एक फैसला लें और सोमवार को रिपोर्ट दाखिल करें। राज्य सरकार की तरफ से सोमवार को कहा गया कि आठ कमरे खाली कर दिए गए हैं, पर पीटिशनर के एडवपोकेट का दावा था कि अभी कब्जा नहीं दिया गया है। पीटिशनर के एडवोकेट की दलील थी कि खाली कमरों को ही कब्जा के नाम पर दिखा दिया गया है। इसके बाद ही जस्टिस राव भड़क गए और सुनवायी दोपहर दो बजे तक के लिए टाल दी। दूसरे चरण में जस्टिस राव ने एडवोकेट अर्ज्या नन्दी को स्पेशल अफसर नियुक्त करते हुए कहा कि सीआईएसएफ के कब्जे के 18 कमरों में से आठ पर स्कूल को कब्जा दिला दिया जाए। पीटिशनर की दलील थी कि चाइनीज मूल के लोग दो साल से नववर्ष नहीं मना पाए हैं जो कि16 फरवरी को पड़त है। यह एक वैकल्पिक व्यवस्था है और मार्च में फिर इसकी सुनवायी होगी। राज्य सरकार ने छह माह की मोहलत मांगी है।