जब ब्याह ही नहीं रचाया तो पत्नी कहां से आ गई

हाई कोर्ट ने हेडमास्टर से किया दस्तावेज तलब
जब ब्याह ही नहीं रचाया तो पत्नी कहां से आ गई
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जितेंद्र, सन्मार्ग

कोलकाता : पीटिशनर, जो कि एक सेवानिवृत टीचर है, का दावा है कि उसने कभी ब्याह ही नहीं रचाया। इसके बावजूद उसके स्कूल के रिकार्ड में पत्नी कहां से आ गई। उसके स्कूल के रिकार्ड में पत्नी के रूप में एक महिला एक्स का नाम दर्ज हो गया है। हाई कोर्ट ने वर्तमान स्कूल के हेडमास्टर से उन दस्तावेजों के तलब किया है जिनके आधार पर पीटिशनर के सर्विस रिकार्ड में एक्स का नाम दर्ज किया गया है। जस्टिस अमृता सिन्हा ने शुक्रवार को मामले की सुनवायी के बाद यह आदेश दिया।

जस्टिस सिन्हा ने आदेश दिया कि स्कूल के एडवोकेट की तरफ से दाखिल दस्तावेज पीटिशनर के एडवोकेट को सौंप दिए जाए। पीटिशनर उत्तम कुमार दास की तरफ से दाखिल रिट में कहा गया है कि वह अभी तक अविवाहित है। उसने 1997 में दाउदपुर शिक्षा सदन में सहायक टीचर के पद पर ज्वायन किया था। इसके बाद 2002 में परीक्षा में सफल रहने के बाद उसकी नियुक्ति बारिदा आंचलिक एससी हाई स्कूल में हो गई। इसके बाद से 2022 तक लगातार काम करता रहा। इस दौरान वह एक गंभीर बीमारी का शिकार हो गया। अवकाश लेकर इलाज कराने के बावजूद वह स्वस्थ नहीं हो पाया तो उसने 2023 में वीआरएस ले लिया। इसके बाद उसने हेडमास्टर से अनापत्ति प्रमाणपत्र देने की अपील की ताकि वह अपने पीएफ, पेंशन और ग्रेच्यूटी आदि के भुगतान के लिए आवेदन कर सके। इसके बाद हेडमास्टर ने उसे एक छपा हुआ फार्म दिया जिसपर उसकी पत्नी के रूप में एक्स का नाम दर्ज था। वह हैरान हो गया कि चिर जीवन अविवाहित रहने के बावजूद पत्नी के रूप में एक्स कहां से आ गई। इस बाबत उसने जिला निरीक्षक और एसडीओ से भी अपील की पर कोई सुनवायी नहीं की गई। इसके बाद ही उसे हाई कोर्ट में रिट दायर करनी पड़ी। इसकी अगली सुनवायी 13 जनवरी को होगी।


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