विधायक परेश पाल व दो पार्षदों की अग्रिम जमानत याचिका

भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या का मामला
विधायक परेश पाल व दो पार्षदों की अग्रिम जमानत याचिका
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या के मामले में अभियुक्त विधायक परेश पाल और पार्षद स्वप्न सरकार व पापिया घोष ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। जस्टिस जय सेनगुप्त के कोर्ट में बुधवार को इसकी सुनवायी होगी। अभिजीत सरकार की 2021 के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद हुई हिंसा के दौरान हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने इन तीनों को सम्मन भेज कर 18 जुलाई को तलब किया है।

यहां गौरतलब है कि सीबीआई ने इस मामले में सीबीआई कोर्ट में इन तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके साथ ही सम्मन भेज कर उन्हें तलब भी किया है। इन तीनों अभियुक्तों को आशंका है कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इससे बचने के लिए उन्होंने कानूनी सुरक्षा हासिल करने के इरादे से अग्रिम जमानत याचिका दयार की है। हांलाकि उनकी तरफ से इस बाबत दायर रिट में कहा गया है कि उन्हें राजनीतिक रंजिश के कारण इस मामले में फंसाया गया है। सीबीआई कोर्ट में इस बाबत दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि अभिजीत सरकार की हत्या बेलियाघाटा में उसके आवास के निकट ही कर दी गई थी। इस मामले की चश्मदीद गवाह अभिजीत सरकार की मां है और उसने अपना बयान दर्ज कराया है। यहां गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बड़े पैमाने पर हुई हिंसा का हवाला देते हुए हाई कोर्ट में पीआईएल दायर की गई थी। तत्कालीन चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने इसकी सुनवायी के लिए एक लार्जर बेंच का गठन किया था। इस बेंच ने ही पीआईएल की सुनवायी के बाद हत्या और रेप जैसे मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। करीब चार वर्षों तक मामले की जांच करने के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है।

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