सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार और एक तरफा तबादले को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को फिर एक बार चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि ईद से पहले इतने तबादले क्यो, क्या दंगा भड़काने का इरादा है। उन्होंने यहां तक कहा कि अधिकारियों के फेरबदल के पीछे चुनाव में पैसे का खेल करने का भाजपा का इरादा है। कालीघाट से प्रेस कांफ्रेंस में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह सभी पोस्टिंग चुनाव में कैश डिस्ट्रीब्यूशन के लिए किया गया है लेकिन बंगाल की जनता कैश पर वोट नहीं देती है। यहां दिल्ली का लड्डू नहीं जीतेगा, यहां बंगाल की जनता जीतेगी। उन्होंने चुनाव आयोग पर पूरी तरह से भाजपा का सहयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बादलों के पीछे से क्यों, सीधे तौर पर वे लोग भाजपा के लिए प्रचार करें। अगर वे चुनाव में भी खड़े होंगे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।
पीएम पर साधा निशाना
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री को अगर संविधान पर भरोसा है तो चुन चुनकर अधिकारियों को क्यों बदल रहे हैं। इतने अनुभवी अधिकारियों को बदला जा रहा है। उन्होंने चेताया कि राज्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में निर्वाचन आयोग और भाजपा जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि ईद से ठीक पहले वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला क्यों किया जा रहा है? क्या चुनाव से पहले दंगे भड़काने का कोई इरादा है? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तबादलों की सूची भाजपा कार्यालय में तैयार की गई और निर्वाचन आयोग ने केवल इसे लागू किया।
कई सीपी और एसपी बदले गये
रविवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा का तबादला कर दिया। इसके बाद, आयोग ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीयूष पांडे और कोलकाता के पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार को भी पद से हटा दिया। सीएम ने चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा है मगर बावजूद इसके मंगलवार को फिर से हावड़ा, चंदननगर और बैरकपुर के सीपी बदले गये। कई एसपी को भी बदल दिया गया।