

मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार (17 अप्रैल) को राज्यसभा का उपसभापति निर्विरोध चुन लिया गया। पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश का यह इस पद पर तीसरा कार्यकाल है।
उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके बाद यह पद खाली था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पुनः राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। हरिवंश ने 10 अप्रैल को शपथ ली और अब फिर से उपसभापति का पद संभाल लिया है।
केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे. पी. नड्डा ने उनके नाम का प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन एस फांग्नोन कोन्यक ने किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को इस पद पर निर्वाचित होने पर बधाई दी।