आमडांगा के हमीजुद्दीन ने कहा - मैं जिंदा हूँ!

मगर भतीजे ने कागजों में मार डाला !
Hamijuddin from Amdanga said, "I am alive!"
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

आमडांगा: विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की कालजयी कहानी 'जीवित ओ मृत' की नायिका कादंबिनी को मरकर यह साबित करना पड़ा था कि वह मरी नहीं है। आज के आधुनिक युग में उत्तर 24 परगना के आमडांगा थाना अंतर्गत बोदई ग्राम निवासी 70 वर्षीय हमीजुद्दीन तरफदार की स्थिति भी कुछ वैसी ही हो गई है। हमीजुद्दीन पूरी तरह स्वस्थ और जीवित हैं, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में उन्हें 'मृत' घोषित कर दिया गया है। आरोप है कि उनके ही एक सगे संबंधी ने जमीन हड़पने की नीयत से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पंचायत से वारिसान प्रमाण पत्र (Heirship Certificate) भी हासिल कर लिया है।

जमीन हड़पने की रची गई गहरी साजिश

घटना का खुलासा तब हुआ जब बुजुर्ग हमीजुद्दीन को पता चला कि उनकी संपत्ति पर उनके भतीजे ने दावा ठोक दिया है। आरोप के मुताबिक, हमीजुद्दीन के भतीजे सैदुल इस्लाम तरफदार ने चालाकी से अपने चाचा का जाली डेथ सर्टिफिकेट तैयार करवाया। इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसने बोदई ग्राम पंचायत से वारिसान प्रमाण पत्र भी निकलवा लिया, जिस पर पंचायत प्रधान के हस्ताक्षर मौजूद हैं। इस वारिसान प्रमाण पत्र के जरिए वृद्ध की बेशकीमती जमीन को हथियाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी।

'मैं जिंदा हूँ, मुझे इंसाफ चाहिए'

अत्यंत व्यथित हमीजुद्दीन ने थाने और पंचायत में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए रुंधे गले से कहा, "मैं आपके सामने जिंदा खड़ा हूँ, फिर भी कागजों में मुझे मार दिया गया। मेरे ही खून ने संपत्ति के लालच में मेरे साथ यह धोखाधड़ी की है। मुझे अपनी संपत्ति नहीं, बल्कि अपना जीवन और इंसाफ चाहिए।" इस घटना के बाद से पूरे प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।

पंचायत की सफाई: 'सदस्य की गलती, हम करेंगे सुधार'

इस गंभीर चूक पर जब पंचायत प्रधान के पति सोमनाथ बेरा से सवाल किया गया, तो उन्होंने सारा ठीकरा स्थानीय पंचायत सदस्य पर फोड़ दिया। उन्होंने कहा, "प्रधान के लिए यह जान पाना संभव नहीं है कि किसके कितने वारिस हैं। स्थानीय पंचायत सदस्य ने दस्तावेजों का सत्यापन कर भेजा था, जिस पर प्रधान ने हस्ताक्षर कर दिए। यह सदस्य की लापरवाही है, पंचायत जल्द ही इस त्रुटि को सुधार लेगी।"

हालांकि, सवाल यह उठता है कि बिना किसी ठोस जांच के एक जीवित व्यक्ति को मृत मानकर प्रमाण पत्र कैसे जारी कर दिया गया? पुलिस फिलहाल आरोपी भतीजे की तलाश कर रही है और मामले की तहकीकात जारी है।

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