हावड़ा के कई थानों में सालों से जमे पुलिसकर्मी !
निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा: हावड़ा सिटी पुलिस के कई थानों में पुलिसकर्मियों के वर्षों से एक ही जगह पर तैनात रहने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कांस्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर स्तर तक के कुछ पुलिसकर्मी 8 से 10 वर्षों से एक ही थाने या इलाके में जमे हुए हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती के कारण कुछ पुलिसकर्मियों पर स्थानीय स्तर पर ‘डाक बाबू’ की भूमिका निभाने के आरोप लग रहे हैं। हालांकि, ‘डाक बाबू’ पुलिस विभाग का कोई आधिकारिक पद नहीं है। स्थानीय स्तर पर यह शब्द कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से हफ्ता या मासिक वसूली करने वालों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आरोप है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के संरक्षण में हावड़ा स्टेशन परिसर, बस स्टैंड, गोलाबाड़ी, शालीमार, लिलुआ, बेलूड़, डोमजूड़ और सांकराईल समेत विभिन्न इलाकों में सट्टा, जुआ, अवैध शराब और गांजे के कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। हाईवे के रास्ते शहर में प्रवेश करने वाले ट्रकों से भी कथित वसूली के भी आरोप हैं।
भ्रष्टाचार मामलों में हुई पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी
इस बीच ही देखा गया कि भ्रष्टाचार के मामलों में हावड़ा के पुलिसकर्मियों की गिफ्तारियों हुईं। हाल में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बैंटरा थाने के एक एसआई और नाजीरगंज जांच केंद्र के एक कांस्टेबल को कथित तौर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। साथ ही गोलाबाड़ी थाने के एक सिविक वालंटियर पर भी व्यापारी को धमकाकर रुपये वसूलने का आरोप लगा था। दूसरी ओर इन शिकायतों पर हावड़ा कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कोई शिकायतें हमें नहीं मिलीं। शिकायतें मिलती हैं तो उसपर तुरंत कार्रवाई भी की जाती है। मामले को लेकर हावड़ा कोर्ट के वकील ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मियों की लंबे समय तक एक ही जगह तैनाती भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ा सकती है ऐसे में जरूरी है कि इस स्तर पर भी बदलियों की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाये।
