निधि, सन्मार्ग संवाददात
नदिया : अक्सर छोटी-मोटी नोकझोंक से शुरू होने वाला पारिवारिक विवाद किस कदर खूनी मोड़ ले सकता है, इसका उदाहरण नक्काशिपारा थाना क्षेत्र के बेथुआडहरी में देखने को मिला। आपसी रंजिश में अपनी पत्नी की हत्या की कोशिश करने वाले आरोपी पति विश्वजीत चक्रवर्ती को अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
घटना बेथुआडहरी के स्टैचू मोड़ इलाके की है। विश्वजीत चक्रवर्ती और उसकी पत्नी सुनीता सरकार चक्रवर्ती के बीच अक्सर अनबन रहती थी। छोटी-मोटी बातें अक्सर बड़े विवाद का रूप ले लेती थीं। 2 अप्रैल 2023 को विवाद इतना बढ़ गया कि विश्वजीत हिंसक हो उठा। उसने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला किया और चाकू से उसकी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए। सुनीता लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं। स्थानीय लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों की कड़ी मशक्कत के बाद उनकी जान बच सकी।
पुलिस की तत्परता और इंसाफ
सुनीता के पिता की शिकायत पर नक्काशिपारा थाने के सब-इंस्पेक्टर निर्माल्य दत्त ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और समय सीमा के भीतर अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल की। हाल ही में माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए विश्वजीत को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 10 साल की जेल के साथ 5,000 रुपये अर्थदंड का भी आदेश दिया। सुनीता आज जीवित तो हैं, लेकिन उस खौफनाक रात के जख्म उनके शरीर और मन पर हमेशा के लिए रह गए हैं।