कोलकाता: गहन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में शनिवार को बागबाज़ार में 'उद्बोधन आश्रम' परिसर में ‘मा सारदा धाम’ का शुभारम्भ सम्पन्न हुआ जो प्रसिद्ध 'मायेर बाड़ी' के निकट है। यह पावन अवसर स्वामी प्रेमानन्दजी महाराज की तिथि पूजा के दिन आयोजित किया गया। चिंतन का केंद्र बनेगा।'
समारोह की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब रामकृष्ण मठ और मिशन के प्रतिष्ठित अध्यक्ष, परम पूज्य स्वामी गौतमानन्दजी महाराज ने 'सारदा धाम’ भवन का लोकार्पण किया, जहां राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम और मंत्री डॉ शशि पांजा भी उपस्थित रहे। उनके साथ महासचिव स्वामी सुविरानन्दजी महाराज की उपस्थिति ने इस अवसर को और अधिक पावन बना दिया।
आश्रमाध्यक्ष स्वामी नित्यमुक्तानन्दजी के आमंत्रण पर बड़ी संख्या में भक्तों और साधकों ने उपस्थित होकर सामूहिक प्रार्थना में भाग लिया तथा इस दिव्य क्षण की आनंदानुभूति साझा की। आश्रम में पिछले 50 वर्षों के भीतर यह पहली बार इतना बड़ा निर्माण कार्य पूरा हुआ है, जिसने साधना, सेवा और समर्पण की परंपरा को नई गति प्रदान की है।
यह बहुउद्देशीय भवन पूरी तरह आध्यात्मिक और सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें संन्यासियों और भक्तों के लिए अलग-अलग भोजनालय, सुगठित रसोई, संन्यासियों के आवासीय कक्ष तथा दीक्षा समारोह के लिए विशिष्ट प्रांगण तैयार किया गया है।
भवन की संरचना और व्यवस्था में आश्रम की मूल भावना—त्याग, सेवा और करुणा का स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाई देता है। इस अवसर पर स्वामी सुविरानन्दजी महाराज ने कहा, ‘मा सारदा धाम’ केवल ईंट और पत्थरों का निर्माण नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जीवन की उस ज्योति का प्रतीक है जो प्रेम, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा से प्रज्वलित होती है। यह भवन आने वाले वर्षों में साधकों के लिए प्रेरणा और चिंतन का केंद्र बनेगा।'