

कोलकाता : योगमाया देवी कॉलेज, आशुतोष कॉलेज और श्यामाप्रसाद मुखर्जी कॉलेज को मिलाकर एक अलग विश्वविद्यालय बनाने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शुक्रवार को सरस्वती पूजा के अवसर पर अपने पूर्व छात्र संस्थान योगमाया देवी कॉलेज पहुंचीं, जहां उन्होंने इस प्रस्ताव पर “ग्रीन सिग्नल” देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद नए विश्वविद्यालय के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्तमान में ये तीनों कॉलेज कोलकाता विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। इस घोषणा से तीनों कॉलेजों के शिक्षकों और प्रशासन में उत्साह देखा गया। आशुतोष कॉलेज के प्राचार्य मानस कवि ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस कॉलेज समूह की पूर्व छात्रा हैं और राज्य की अभिभावक के रूप में उन्होंने चुनाव के बाद अलग विश्वविद्यालय बनाने का आश्वासन दिया है।
वहीं, श्यामाप्रसाद मुखर्जी कॉलेज के प्राचार्य अपूर्व चक्रवर्ती ने इसे तीनों संस्थानों के “संयुक्त परिवार” के लिए गर्व का विषय बताया। सरस्वती पूजा में शामिल होकर मुख्यमंत्री भावुक हो गईं और सोशल मीडिया पर लिखा कि योगमाया देवी कॉलेज से उनकी अनेक यादें जुड़ी हैं। उन्होंने छात्राओं के साथ संवाद किया और भीड़ के बीच रवींद्रनाथ टैगोर का प्रसिद्ध गीत “आकाश भरा सूर्य तारा” भी गाया। मुख्यमंत्री को करीब पाकर छात्र-छात्राओं में सेल्फी लेने की होड़ मच गई।